
बांसवाड़ा। जिले के सल्लोपाट थाना इलाके के गडूली गांव में शुक्रवार आधी रात को बिना राजस्थान पुलिस को सूचना दिए सादे वस्त्रों में गुजरात पुलिस के जवान एक घर में जबरन घुस आए और महिला से मारपीट की। साथ ही एक युवक को साथ ले गए और लट्ठ व पट्टे से पीटा। घटनाक्रम के बाद से गांव में गुजरात पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
सल्लोपाट थाना पुलिस ने ग्रामीणों की रिपोर्ट तो ली है, लेकिन शनिवार शाम तक किसी प्रकार का प्रकरण थाने में दर्ज नहीं हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने सल्लोपाट पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार गुजरात के पांच-छह जवान एक जीप में सवार होकर मध्यरात्रि के करीब गडूली निवासी उदयसिंह पुत्र दला के घर पहुंचे। उन्होंने उदयसिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने की बात कहते हुए उसे साथ ले जाने को कहा। उदयसिंह की पत्नी मधु ने रास्ता रोकने के प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी।
मौका पाकर उदयसिंह भाग निकला, लेकिन इसी दौरान गांव का युवक प्रभु पुत्र लवजी डामोर पहुंचा तो पुलिसकर्मी उसे अपने साथ गुजरात के फतेहपुरा ले गए। मधु ने शोर मचाया तो ग्रामीण एकत्रित हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर सरपंच माया मछार, उसके पति मनोज मछार सहित गांव के करीब 50-60 लोग रात करीब एक बजे सल्लोपाट थाना पहुंचे और गुजरात पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराते हुए नाराजगी व्यक्त की।
पूरी पीठ हुई लाल
सल्लोपाट थाना प्रभारी जीवतराम ने फतेहपुरा थाने पर बात की। गुजरात पुलिस ने बताया कि गडूली में उदयसिंह के परिवार में एक व्यक्ति के खिलाफ पुराना मुकदमा है, इसलिए दबिश दी गई। बाद में फतेहपुरा पुलिस प्रभु को वापस छोडक़र गई। प्रभु ने सल्लोपाट पहुंच गुजरात पुलिस की बर्बरता बताई। प्रभु की पीठ लट्ठ और पट्टों के निशानों से लाल दिखाई पड़ी। शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान थे।
मामले में सल्लोपाट थाना प्रभारी जीवतराम ने बताया कि गुजरात पुलिस ने पूर्व में किसी प्रकार की सूचना नहीं दी थी। गुजरात पुलिस सीधी गडूली पहुंच गई थी। जबकि यहां आने से पहले सूचना देनी चाहिए थी। रफा दफा करने का प्रयास ग्रामीणों को राजस्थान पुलिस ने भी खूब परेशान किया।
सल्लोपाट थाना पुलिस ने पहले तो प्रकरण को ही रफा दफा करने का प्रयास किया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और थाने पर जमावड़े के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की रिपोर्ट तो ले ली, लेकिन प्रकरण दर्ज नहीं किया।
रुपए लेकर छोड़ देते हैं
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल में यह पुलिस की दूसरी वारदात है। गुजरात पुलिस सादा वस्त्रों में आती है यहां से लोगों को पकडक़र लेकर जाती है और वहां रुपए लेने के बाद उनको छोड़ देती है। इससे पूर्व जुलाई 2017 में भी इस तरह की वारदात हो चुकी है।