
बांसवाड़ा. कुत्ते के हमले में घायल बच्ची का उपचार करते चिकित्सक। Photo- Patrika
बांसवाड़ा। राजस्थान में आवारा श्वानों के हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बांसवाड़ा जिले के कागदी पिकअप में घर के बाहर खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची पर श्वान ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने बच्ची के होंठ पर करीब 15 टांके लगाए हैं। बच्ची का एमजी अस्पताल में उपचार जारी है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कागदी पिकअप क्षेत्र निवासी छगन निनामा ने बताया कि उनकी 3 वर्षीय बेटी कृतिका शुक्रवार शाम घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। अन्य लोग भी आसपास बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक एक आवारा श्वान दौड़ता हुआ आया और बच्ची पर हमला कर दिया।
श्वान के हमले से बच्ची चीखने लगी। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पत्थर और डंडी की मदद से श्वान को भगाया। हालांकि, तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
हमले में उसके होंठ का काफी हिस्सा बुरी तरह चोटिल हो गया। मुंह पर भी कई चोटें आईं। परिजन तुरंत बच्ची को एमजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उसके मुंह पर 15 टांके लगाए। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है।
22 अगस्त को कोटा में भी आवारा श्वान के हमले का मामला सामने आया था। यहां घर के बाहर गली में खेल रही 5 वर्षीय बच्ची पर श्वान ने हमला कर दिया। घटना शाम करीब 7 बजकर 15 मिनट पर हुई। हमले के दौरान श्वान बच्ची को दांतों से पकड़कर घसीटता हुआ दिखाई दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उसे श्वान से बचाया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
इससे पहले 18 अगस्त को अलवर जिले के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र में भी आवारा श्वानों के हमले का गंभीर मामला सामने आया था। बहाला टोल टैक्स के समीप सांखला गांव में 8 वर्षीय योगेश पर 5 से 7 आवारा श्वानों के झुंड ने हमला कर दिया था।
स्कूल की छुट्टी के बाद दूसरी कक्षा का छात्र योगेश दोस्तों के साथ खेलने जा रहा था। इसी दौरान हाईवे के पास श्वानों ने उसे घेर लिया और खींचकर खेत में ले गए। करीब 4 से 5 मिनट तक श्वान बच्चे को नोचते रहे। उसके हाथ, मुंह, पैर, सीना, जांघ, गर्दन और सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव हो गए। कुछ स्थानों पर मांस तक नोच लिया गया।
पास में निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे लोगों ने श्वानों को भगाकर बच्चे की जान बचाई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार योगेश के शरीर पर करीब 50 टांके लगाए गए थे। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने आवारा श्वानों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Updated on:
29 Aug 2026 03:01 pm
Published on:
29 Aug 2026 02:55 pm
