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बांसवाड़ा: बैंक मैनेजर ही ले उड़ा ग्राहकों के 58 लाख रुपए, जानें पूरा मामला

राजस्थान में एक बैंक मैनेजर ग्राहकों के खातों में जमा 58 लाख रुपए से ज्यादा का गबन कर फरार हो गया। बांसवाड़ा की गढ़ी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बांसवाड़ा

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Santosh Trivedi

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Updated: 5 Sep 2026, 3:19 PM IST

bank

प्रतीकात्मक तस्वीर— chatgpt

बांसवाड़ा/गढ़ी। एक बैंक मैनेजर ग्राहकों के खातों में जमा 58 लाख रुपए से ज्यादा का गबन कर फरार हो गया। गढ़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक के क्लस्टर हैड मैनेजर गोविंद राम माली निवासी मंदसौर (मध्यप्रदेश) ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2024 में परतापुर में इस बैंक की शाखा खोली थी।

बैंक में बहादुर जाखड़ नामक व्यक्ति को मैनेजर नियुक्त किया। बैंक संचालन के दौरान मैनेजर बहादुर ने ग्राहकों को जोड़कर उनके खाते खुलवाए। खातों के सत्यापन के लिए ग्राहकों से ओटीपी लेकर उन खातों पर एटीएम किट जारी करवा ली और अपने पास रख ली।

32 ग्राहकों के खाते से पैसा आहरित

मैनेजर बहादुर ने 32 ग्राहकों के खातों में जमा कुल 58 लाख 16 हजार 856 रुपए स्वयं आहरित कर लिए। राशि निकालने के बाद वह बैंक छोड़कर फरार हो गया। ग्राहकों की जमा राशि के गबन का मामला सामने आने पर बैंक प्रबंधन ने पुलिस को रिपोर्ट दी।

मामले की जांच सब इंस्पेक्टर दिनेश पाटीदार को सौंपी है। पुलिस अब खातों से राशि निकाले जाने, एटीएम किट के इस्तेमाल और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। बैंक के रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।

रुपए लेने के बाद न प्लॉट दिया, न रकम लौटाई

इधर एक अन्य मामले में बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र में प्लॉट दिलाने के नाम पर 23 लाख 84 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। टिमरवा निवासी मुकेशचंद्र डामोर ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी राजमल डामोर से उसकी पारिवारिक पहचान थी और वह वर्तमान में सरकारी शिक्षक है।

रिपोर्ट के अनुसार, राजमल ने राज कॉलोनी के आसपास प्लॉट दिलाने और उस पर मकान बनाकर रहने का भरोसा दिलाया। उसके कहने पर मुकेश ने अलग-अलग तारीखों में नकद व अन्य माध्यमों से कुल 23 लाख 84 हजार 500 रुपए दिए। शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में आरोपी ने कुछ राशि के संबंध में डायरी में हस्ताक्षर कर रसीद भी दी थी।

रकम देने के बाद प्लॉट या पैसे लौटाने की मांग करने पर आरोपी टालमटोल करने लगा। आरोप है कि कई बार बातचीत और पारिवारिक स्तर पर समझाइश के बावजूद न प्लॉट दिया गया, न रकम लौटाई। मुकेश ने आरोपी पर पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई नानूलाल को सौंपी है।