
बांसवाड़ा। राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े बांध माही बजाज सागर सभी 16 गेट इस सीजन में पहली बार गुरुवार दोपहर 2 बजे खोल दिए गए। दोपहर छह गेट 4 मीटर, छह गेट साढ़े तीन मीटर तथा चार गेट दो-दो मीटर खुले। उस वक्त 2,82816 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी और इतना ही पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन शाम तक आवक घटकर 170613 क्यूसेक रह गई, तो सभी 16 गेट दो-दो मीटर खुले रखे गए। गौरतलब है कि जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश के चलते बांध लबालब होने से गत 20 अगस्त को गेट खोलने पड़े थे।
281.50 मीटर है बांध का फुल टैंक लेवल
281.15 मीटर बना हुआ है जलस्तर
77 टीएमसी कुल भराव क्षमता
75.212 टीएमसी पानी बांध में अभी मौजूद
1972 में तत्कालीन सीएम हरिदेव जोशी की पहल पर बना था
1983 में बनकर तैयार हुआ राजस्थान का यह प्रमुख बांध
11/11/1983 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया उद्घाटन
41 वर्षों में निर्माण के बाद 27वीं बार गेट खुले इस सीजन में
1984 में पहली बार इसके गेट खोलकर पानी छोड़ा गया
2006 में सभी 16 गेट खोले गए (ऐतिहासिक बारिश के दौरान)
9 अगस्त, 2016 को भी सभी 16 गेट पूरी क्षमता से खोले गए
2019 में 6 गेट खोले गए 279.45 मी.
22 सितम्बर, 2021 में 16 सभी गेट खुले
2023 में 14 गेट से पानी की निकासी की गई
3 सितम्बर, 2024 को 4 गेट खोले, आवक बढक़र 9,25,000 क्यूसेक हुआ
4 सितम्बर, 2024 को दो गेट और खोले गए और फिर 8 गेट खोलने पड़े
20 अगस्त, 2025 को 281.50 मी. जलस्तर होने पर 10 गेट खोले