
परतापुर. मंदिर में स्थापित शीतला माता एवं मां गायत्री को प्रतिमाएं। फोटो पत्रिका
Sheetla Saptami : शीतला सप्तमी का पर्व मंगलवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखकर शीतला माता की पूजा-अर्चना करेंगी और माता को भोग लगाने के बाद ठंडा भोजन कर व्रत खोलेंगी।
परतापुर में चार खंबा नगरपालिका कार्यालय के पास स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर वर्षों से जनआस्था का केंद्र बना हुआ है। बुजुर्गों के अनुसार मंदिर की स्थापना को 100 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। प्रारंभ में यहां छोटा मंदिर था, जिसमें श्वेत पाषाण की शीतला माता की प्रतिमा स्थापित थी। वर्ष 2007 में जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया।
वर्तमान में गर्भगृह में काले पाषाण की शीतला माता की बड़ी प्रतिमा स्थापित है। प्राचीन प्रतिमा, गायत्री माता और बाहर शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम 6 से 8 बजे तक पूजा-अर्चना और महाआरती होती है।
नगर का यह एकमात्र प्राचीन शीतला माता मंदिर होने के कारण होली के बाद सप्तमी के दिन तड़के से ही महिलाओं का पूजा के लिए तांता लगा रहता है। श्रद्धालु देर रात तक गरबा नृत्य भी करते हैं।
इसके अलावा आसोज नवरात्रि में भी यहां 9 दिन तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, यज्ञ और हवन का आयोजन किया जाता है।
तलवाड़ा कस्बे में भी शीतला सप्तमी को लेकर विशेष उत्साह है। सुहागिन महिलाएं परवरिया तालाब किनारे स्थित शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। सोमवार रात तक घरों में विभिन्न पकवान तैयार किए गए, जिन्हें मंगलवार को माता को भोग लगाने के बाद प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाएगा।
Updated on:
10 Mar 2026 09:39 am
Published on:
10 Mar 2026 09:39 am
