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बांसवाड़ा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई में कोष कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलन भट्ट और तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा को पकड़ा गया है। आरोपी एक परिवादी को पुलिस केस की धमकी देकर डरा रहे थे।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार परिवादी ने अपने ई-मित्र के माध्यम से एक आवेदक के जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन में पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कहकर वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा ने परिवादी को धमकाया और पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का डर दिखाते हुए रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 26 और 27 फरवरी को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी के उप महानिरीक्षक रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में बांसवाड़ा इकाई ने ट्रैप की कार्रवाई की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा ने परिवादी से 10 हजार रुपए लेकर अपने परिचित सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलन भट्ट को दे दिए। मिलन भट्ट द्वारा राशि अपने पास रखने पर एसीबी टीम ने दोनों को रिश्वत राशि सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही दोनों के निवास स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई भी जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
Published on:
09 Mar 2026 05:49 pm
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