
डूंगरपुर। राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, डूंगरपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से जनजातीय क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान की किशोरियों एवं युवतियों में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता, जोखिम कारकों, टीकाकरण एवं स्क्रीनिंग एक्सेससिबिलिटी का आकलन " विषय पर शोध अध्ययन प्रारंभ किया है। अध्ययन की प्रधान अन्वेषक डॉ. अदिति गोठी, सह आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. विकास पारीक, रिसर्च साइंटिस्ट, मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, डूंगरपुर हैं। शोध मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, डूंगरपुर के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके नोडल अधिकारी डॉ. प्रभाष भावसार, अतिरिक्त प्रधानाचार्य हैं। संस्थान के प्राचार्य डॉ. एस. बाला मुरुगनवेलु के मार्गदर्शन किए जा रहे अध्ययन के प्रथम चरण में किशन लाल गर्ग विद्यालय, डूंगरपुर में पायलट स्टडी की गई। डॉ. गोठी ने बताया कि इस अध्ययन में 15 से 25 वर्ष आयु की 50 छात्राओं को सम्मिलित किया गया। छात्राओं को एक प्रश्नावली प्रदान की गई, जिसमें सर्वाइकल कैंसर से संबंधित सामान्य जागरूकता, लक्षण, जोखिम कारक, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस, एचपीवी टीकाकरण, स्क्रीनिंग एवं उपचार से जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल थे। प्रश्नावली पूर्ण होने के बाद सभी छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान, एचपीवी टीकाकरण तथा स्क्रीनिंग के महत्व के बारे में सरल एवं वैज्ञानिक जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य भारती पंचाल ने इस पहल की सराहना की। शोध कार्य में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रथम वर्ष के वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. राकेश कुमावत, डॉ. हर्षल शर्मा तथा मेडिकल सोशल वर्कर जुगनू पंड्या ने भी सहभागिता निभाई। डॉ. गोठी ने बताया कि इसी क्रम में जनजातीय क्षेत्र की लगभग 1000 अन्य छात्राओं पर भी यह अध्ययन किया जाएगा।