Banswara, Gita, Epic, Uttam Swami, सिद्धि विनायक मंदिर में महामंडलेश्वर का प्रवचन
बांसवाड़ा. श्री पंच अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द महाराज ने कहा है कि श्रीमद् भागवत गीता मनुष्य के जीवन की दशा और दिशा को परिवर्तन करने वाला ग्रंथ है। अर्जुन माध्यम मात्र है। गीता का संदेश संपूर्ण चराचर जगत को दिया है। अक्षर ब्रह्म है। इसका कभी विनाश नहीं होता।
नवरात्रि के अवसर पर श्री सिद्धि विनायक गणपति मंदिर में श्रीमद् भागवत समिति तथा श्री गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में प्रवचन में उन्होंने कहा कि तनाव का मुख्य कारण अपेक्षा है। अपेक्षा पालने से वैमनस्यता बढ़ती है। यदि विजय प्राप्त करनी है तो अपेक्षा नहीं करें। हमें अपने अंतरंग में सद्गुणों का विकास करना होगा।
इस अवसर पर श्रीमद् भागवत समिति अध्यक्ष रविंद्रलाल मेहता ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर भक्तों को पुण्य लाभ प्राप्त हो रहा है। महामंडलेश्वर का 51 किलो की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। साथ ही भगवान सिद्धि विनायक को 51 किलो का भोग अर्पित किया गया। सुरेश पंड्या, राकेश भट्ट, जयप्रकाश नागर ने भजनों की प्रस्तुति दी। आरंभ में पं. विनय भट्ट, धर्मेंद्र द्विवेदी व पवन पाठक के आचार्यत्व में मनीष सोनी, प्रवीणा सोनी आदि ने व्यासपीठ की पूजा की।
इन्होंने किया अभिनंदन
आरंभ में समिति अध्यक्ष मेहता, सुरेश गुप्ता, मणिलाल जोशी, ईश्वरदास वैष्णव, नगेंद्र चावलवाला, शांतिलाल चौबीसा, महेश उपाध्याय, भुवन पंड्या, हर्ष कोठारी, जयप्रकाश पंड्या, कांतिलाल पटेल, नारायणलाल वाल्मीकि, संतोष वाल्मीकि, संतप्तति कुमार बेंगलुरु, रामलाल कटारा, कांतिलाल पटेल धरणीधर पंड्या, आरके अय्यर, शांतिलाल भावसार, कुलदीप गृहस्थी, राकेश सेठिया, सोनिया वैष्णव, सज्जनसिंह राठौड़, चंदा मोदी, शैलेन्द्र सराफ, रक्षा सराफ ने अभिनंदन किया। संचालन डा. दीपक द्विवेदी ने किया।
आतिशबाजी व पुष्पवर्षा
सिद्धि विनायक गणपति सेवा मंडल की ओर से महामंडलेश्वर का आतिशबाजी व पुष्पवर्षा का स्वागत किया गया। महिला एवं पुरुषों ने कतार में खड़े होकर माल्यार्पण किया। इस दौरान गोपाल सिंह, मीठालाल माली, चंदूलाल जैन, ललित कुमार जैन, गिरीश पंचाल, मुकेश सोनी, बलराम पंचाल, राजेश भाई, मनीष जैन, राजेंद्र जैन, जुगल कंसारा, जगदीश जैन, विनोद भावसार, नरेंद्र भावसार, अजय सेठिया, हिम्मतसिंह चौहान, अभय सेठिया, दुर्गा देवी भावसार, देवकन्या भावसा, शांतिदेवी सेठिया, कला बाई, हेमलता देवी, सूर्यप्रकाश कंसारा आदि ने अभिनंदन किया।