बांसवाड़ा पालोदा. पालोदा पंचायत के अधीन समीपवर्ती आड़ा रोड से आगे बाई का गड़ा गांव से सटे बुडावाला कृषि क्षेत्र में मंगलवार को दो सारस मृत अवस्था में मिले। बुडावाला निवासी मुकेश कीर ने बताया कि बुड़ावाला क्षेत्र में माही विस्थापितों द्वारा किए गए अतिक्रमण वाले खेतों में मंगलवार को दो सारस पक्षी मरे पड़े मिले हैं और करीब एक पखवाड़े पहले दो मोर मरे हुए देखे गए थे। जिन्हें कुत्तों ने नोंच डाला था। वहीं पिछले कुछ महिनों से मरे हुए पक्षियों के पंख भी बड़ी तादाद में मिल रहे हैं।
पक्षियों के मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है लेकिन ग्रामीणों द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि इन पक्षियों के मरने का कारण खेतों में फसलों पर की गई किटनाशी दवाई हो सकता है। हालांकि जब तक प्रकरण की जांच नहीं की जाती है, तब तक कारण अस्पष्ट है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई है। मुकेश कीर, गणेश कीर, छगन कीर, नरेश कीर व शंकर कोदर कीर आदि ने जांच की मांग की है।
साजिश का भी संशय
इन पक्षियों की अकारण व अकाल मौत होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मौत का कारण खेतों में फसलों पर किया गया किटनाशी दवाओं का छिडक़ाव है या किसी के द्वारा की गई कोई साजिश है। यह भी जांच का विषय है।
विभाग भी मुस्तैद
इधर, बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश के साथ ही जगह.जगह पर सर्वे भी करवाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से यह भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की प्रजाति के परिंदे की असामयिक मृत्यु पर तत्काल विभाग को सूचित करें।