प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिले के 32 हजार से अधिक लाभार्थियों के लिए अगला माह नई मुसीबत ला सकता है।
बांसवाडा। प्रदेश एवं केन्द्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिले के 32 हजार से अधिक लाभार्थियों के लिए अगला माह नई मुसीबत ला सकता है। सत्यापन कार्य पूरा नहीं होने से उनकी पेंशन की राशि अटक सकती है। दरअसल, विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे लाभार्थियों को वर्ष में एक बार बायोमैट्रिक सत्यापन करवाना अनिवार्य होता है। विभाग की ओर से बार-बार आगाह किए जाने के बावजूद कई लाभार्थियों ने अब तक बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं करवाया है।
बांसवाड़ा जिले में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से हर माह वृद्धावस्था, विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग पेंशन आदि पेंशन योजनाओं से जिले में 2 लाख 34 हजार 147 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रावधानों के मुताबिक वर्ष में एक बार लाभार्थियों को बायोमैट्रिक सत्यापन करवाना होता है। चलने-फिरने में असक्षम या अतिबुजुर्ग श्रेणी के लाभार्थी अपने किसी संदेश वाहक के साथ मोबाइल ओटीपी तथा सक्षम अधिकारी के माध्यम से सत्यापन करवाने की छूट है। जिले में अब तक 2 लाख 886 लाभार्थियों का ही सत्यापन हुआ है।
ये हैं प्रमुख कारण
. बुजुर्गों के थंब इंप्रेशन नहीं आना
. आधार से ओटीपी नहीं आना
. मृतकों का चिन्हिकरण नहीं होने से उनके भी आंकड़े जुड़े होना
. दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की दिक्कत
पेंशन योजना : सत्यापन की स्थिति
| क्रमांक | ब्लॉक | लाभार्थी | सत्यापन शेष |
|---|---|---|---|
| 1 | आनंदपुरी | 21,382 | 3,195 |
| 2 | अरथुना | 14,925 | 1,925 |
| 3 | बागीदोरा | 17,535 | 2,368 |
| 4 | बांसवाड़ा | 26,998 | 3,887 |
| 5 | छोटी सरवन | 10,769 | 2,008 |
| 6 | गढ़ी | 28,346 | 4,616 |
| 7 | गांगड़तलाई | 14,298 | 1,156 |
| 8 | घाटोल | 37,992 | 7,305 |
| 9 | कुशलगढ़ | 24,429 | 2,231 |
| 10 | सज्जनगढ़ | 23,192 | 3,493 |
| 11 | तलवाड़ा | 14,280 | 1,077 |
| कुल | 2,34,147 | 32,261 |
अधिकारी ने कहा…
बायोमैट्रिक सत्यापन का कार्य 88.62 फीसदी पूर्ण हो गया है। शेष लाभार्थियों के सत्यापन के लिए कई तरह के विकल्प दिए हैं। लाभार्थियों को सीधे संपर्क कर सत्यापन के कार्य को गति दी जा रही है। पेंशनर एवं उनके परिजन से भी आह्वान किया जा रहा है कि वह जल्द से जल्द सत्यापन करवाएं।