बांसवाड़ा

राजस्थान पंचायत चुनाव: झोपड़ी में रहने वाली महिला कैसे बनी सरपंच? कभी मनरेगा में करती थीं मजदूरी, जानिए संघर्ष की कहानी

Rajasthan Panchayat Election 2026: बांसवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मोटा टांडा में कभी मनरेगा में मजदूरी करने वाली आशा देवी ने 455 वोटों से सरपंच पद का चुनाव जीत लिया है। अभावों में जीवन बिताने वाली आशा के पास स्मार्टफोन तक नहीं है, फिर भी उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
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Updated: 3 Nov 2026, 5:26 PM IST
banswara panchayat election result 2026
नवनिर्वाचित सरपंच आशा देवी (पत्रिका फोटो)

Banswara Panchayat Election Results 2026: घाटोल (बांसवाड़ा): राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में कई रोचक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक कहानी बांसवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मोटा टांडा की नवनिर्वाचित सरपंच आशा देवी की है। कभी मनरेगा में मजदूरी कर और आसपास के गांवों में दिहाड़ी काम करके परिवार का गुजारा करने वाली आशा देवी ने सरपंच पद के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। उनका जीवन अभावों के बीच गुजरा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हौसला नहीं खोया और चुनाव मैदान में उतरकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

आशा देवी आज भी कवेलूपोश मकान में रहती हैं। उनके पास न मोटरसाइकिल है, न साइकिल और न ही स्मार्टफोन। वे साधारण कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गांव के लोगों के बीच अपनी जगह बनाई। चुनाव प्रचार के दौरान वह लोगों को गुड़ खिलाकर उनका मुंह मीठा कराती थीं। उनकी सादगी और संघर्ष की कहानी अब गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।

सरपंच आशा देवी का घर

6 प्रत्याशी मैदान में, आशा देवी को मिले सबसे ज्यादा वोट

ग्राम पंचायत मोटा टांडा में सरपंच पद के लिए कुल छह प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। मतगणना के बाद आशा देवी को सबसे ज्यादा 652 वोट मिले। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी डिम्पी को 197 वोट मिले। इस तरह आशा देवी ने 455 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। अन्य प्रत्याशियों में भावना को 63, सुनीता को 45, गंगा राजेंग को 40 और गंगा देवी को 19 वोट मिले।

आशा देवी की जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि उनका अब तक का जीवन संघर्ष और सीमित संसाधनों के बीच बीता है। कभी मनरेगा में मजदूरी करके तो कभी दूसरे गांवों में दिहाड़ी काम करके परिवार का पालन-पोषण करने वाली आशा देवी अब ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी संभालेंगी।

सरपंच आशा देवी के मकान की दीवार

उनकी इस जीत ने यह दिखाया है कि चुनाव में बड़े संसाधनों के बजाय जनता का भरोसा भी अहम भूमिका निभा सकता है। एक साधारण परिवार से आने वाली आशा देवी को अब गांव की कमान मिली है। ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि अपने संघर्ष के दिनों में आम लोगों की परेशानियों को करीब से समझने वाली आशा देवी पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हुए उनकी समस्याओं और जरूरतों पर ध्यान देंगी।

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3 Nov 2026, 5:26 PM IST
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