बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट थाना क्षेत्र का मामला, ग्रामीणों ने बताया पिछले कुछ दिनों सेे मिल रही थी सूचना, घेर कर पकड़ा, वाहन जब्त
बांसवाड़ा/गांगड़तलाई. देश का युवा अगर सजग हो तो राष्ट्र की तस्वीर बदल सकती है। इसका उदाहरण मंगलवार को बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट थाना क्षेत्र में गांगड़तलाई गांव में देखने को मिला। जहां सतर्क युवाओं ने गौ वंश की जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार गंागड़तलाई गांव से मंगलवर सुबह एक पिकअप तीन बैलों को लेकर गुजरात की ओर जा रही थी। इसकी सूचना पर गांव के कुछ युवाओं ने वाहन को रोक लिया। जिसमें तीन बैल मिले। मंगलवार सुबह तकरीबन 6 बजे गांव के अम्बिका चौक में कुछ युवाओं ने सड़क से गुजर रही पिकअप को रोका। वाहन में तीन बैले थे। पूछताछ में वाहन चालक सही जानकारी नहीं दे सके। घटना के बाद कुछ देर में मौके पर युवाओं की भीड़ जुट गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे सल्लोपाट थाना अधिकारी अंसार अहमद गाड़ी व बैल को जब्त कर थाने ले गए।
ग्रामीणों ने बताया यहां से तीन पिकअप भर कर गुजरने की सूचना थी। पिछले सात दिन से वह इस पर ध्यान रख रहे थे। शनिवार को तो वह वाहन के पीछे भी गए। लेकिन वह तीनों पिकअप गुजरात ले जाने में सफल हुए। उसके बाद इनकी रेकी की गई और मंगलवार सुबह सूचना मिलने पर इन्हें रोका तो शेष दो पिकअप रास्ते में ही कहीं रूक गई।
घटना के बाद ग्रामीण सल्लोपाट थाना पहुंचे जहां उन्होंने इस तरह से गोवंश की तस्करी का विरोध जताया। इस पर थाना अधिकारी ने उन्हें कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया।
सीमावर्ती इलाके के कारण संकट ज्यादा
युवाओं ने बताया गांगड़तलाई गुजरात सीमा से सटा हुआ है। इस कारण इलाके में इस प्रकार की गतिविधियों की संभावना अधिक रहती है। पूर्व में भी इस प्रकार की घटनाओं की सूचना मिल चुकी है। हाल ही लगातार इस प्रकार की सूचनाएं मिल रही थी। दो दिन पूर्व वाहन का पीछा भी किया, लेकिन पकड़ नहीं सके। मंगलवार सुबह फिर गौ वंश का पकडऩे की सूचना मिली। जिस पर वाहन को रोका गया।