बांसवाड़ा

वाह रे बांसवाड़ा जलदाय विभाग! पहले दूषित पानी पिलाया, अब एक साथ थमाया 5 महीने का बिल

बांसवाड़ा शहर में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की घोर लापरवाही सामने आई है। पहले महीनों तक शहर की सवा लाख से अधिक आबादी को दूषित पानी पिलाया गया और अब 21 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को एक साथ 5-5 महीने (नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक) के पानी के बिल थमा दिए गए हैं।
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banswara water department
पहले दूषित पानी, अब बिलों का झटका (फोटो-एआई)

-मिलन शर्मा

बांसवाड़ा: जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के शहरी कार्यालय के अधिकारी प्रावधानों से परे जाकर मनमर्जी से उपभोक्ताओं को पानी के बिल थमा रहे हैं। ग्रीष्म ऋतु में शहर की सवा लाख से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बन अधिकारियों ने प्रदूषित पानी पिलाया और अब उसी दूषित पानी की एक साथ 5-5 माह की बिलिंग कर उपभोक्ताओं को पानी के बिलों से करंट लगा रहे हैं। अब उपभोक्ता बिल कम करवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, पर उन्हें वहां से भी धक्के ही मिल रहे हैं। नियमित बिलिंग की जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे अधिकारी अब समय पर भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी अलग दे रहे हैं।

बिल देखते ही उड़े होश

शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अंतिम बार जलदाय विभाग ने अगस्त-सितंबर 2025 में बिल दिए थे। इसके बाद से उपभोक्ताओं को पानी के बिल दिए ही नहीं गए और न ही विभाग ने बिलिंग करने की सुध ली। अब विभाग ने नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक पानी की खपत की बिलिंग करते हुए शहर के 21 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को 5-5 माह के बिल दे दिए हैं। ऐसे में अधिकांश उपभोक्ताओं के 1,500 से 2,000 रुपये, तो कई उपभोक्ताओं के 3-3 हजार रुपये के बिल आए हैं। उपभोक्ताओं के सामने यह समस्या है कि अब त्योहारी सीजन है और खर्च बढ़ गया है। ऐसे में एक साथ आए भारी-भरकम पानी के बिल को कैसे भरा जाए।

प्रावधान: 181 पर करें शिकायत

राजस्थान जल प्रदाय नियम के तहत हर महीने पानी का बिल उपभोक्ताओं को देने का प्रावधान है। साथ ही बिलों के वितरण की समय-सारणी का भी उल्लेख है। यदि उपभोक्ता को गलत या एक साथ कई माह का बिल प्राप्त होता है, तो उपभोक्ता अपनी शिकायत विभाग के सिटीजन कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 181 पर दर्ज करा सकते हैं।

पहले दूषित पानी, अब बिलों का झटका

शहर में जनवरी से ही प्रदूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें सामने आने लगी थीं। राजस्थान पत्रिका ने लगातार ग्राउंड रिपोर्ट और तस्वीरों के जरिए घरों तक पहुंच रहे पानी की स्थिति उजागर की। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी शिकायतों को नकारते रहे। बाद में जिला कलक्टर ने निरीक्षण कर पानी की जांच रिपोर्ट देखी और अधिकारियों को फटकार लगाई। अब दूषित पानी की शिकायतों के बीच पांच महीने के बिल एक साथ जारी होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मेरी जानकारी में नहीं है, ऐसा है तो नोटिस देंगे

मेरी जानकारी में नहीं है और न ही इस संबंध में सहायक अभियंता ने मुझे कुछ बताया है। उपभोक्ताओं को एक साथ बिल देना उचित नहीं है। सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।
-रविमोहन मीणा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, बांसवाड़ा

Updated on:
22 Oct 2026 08:56 am
Published on:
22 Oct 2026 08:56 am