17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना की धीमी चाल, 4 जिलों में भुगतान शून्य; हजारों आवेदन अटके

राजस्थान में कृषि की पढ़ाई कर रही छात्राओं को प्रोत्साहन राशि मिलने में देरी हो रही है। 45,635 आवेदनों में से केवल 21,636 के बिल जनरेट हुए हैं। चार जिलों में अब तक एक भी छात्रा को लाभ नहीं मिला है।
2 min read
Google source verification
Rajasthan Agriculture Student Incentive Scheme

Ai Generated Image

घाटोल (बांसवाड़ा). कृषि शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित सरकारी योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में 14 अक्टूबर तक 45,635 आवेदन आए, लेकिन इनमें से महज 21,636 के ही बिल जनरेट हुए है। यानी 47.4 प्रतिशत आवेदनों पर ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है। आधे से ज्यादा छात्राएं अब भी प्रोत्साहन राशि के इंतजार में हैं। राज किसान साथी पोर्टल के आंकड़ों से योजना के क्रियान्वयन की धीमी रफ्तार सामने आई है। स्थिति को देखते हुए कृषि आयुक्त ने सभी जिलों को आवेदनों की जांच, ई-साइन और बिल प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में कृषि संकाय में नियमित अध्ययनरत छात्राओं को कक्षा 11वीं और 12वीं में प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। वहीं, कॉलेज स्तर पर पात्र छात्राओं को निर्धारित दर के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

जांच के बाद भी अटके आवेदन, भुगतान नहीं

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 37,270 आवेदनों की दस्तावेज जांच स्वीकृत हो चुकी है, जबकि 779 आवेदन निरस्त किए गए हैं। इसके बावजूद 941 आवेदन कमियां पूरी करने के लिए स्कूल-कॉलेज के प्राचार्यों और संस्थाओं को लौटाए जाने के बाद लंबित हैं। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पाई है।

चार जिलों में खाता नहीं खुला

योजना के क्रियान्वयन में डीडवाना-कुचामन, ब्यावर, सलूंबर और सिरोही की स्थिति सबसे खराब है। इन चार जिलों में अब तक एक भी छात्रा को लाभनहीं मिला है। वहीं, अलवर में 10.9 और बाड़मेर में 17.2 प्रतिशत आवेदनों पर ही लाभ पहुंचा है। कई अन्य जिलों में भी प्रगति 25 प्रतिशत से कम है।

बांसवाड़ा आगे, डूंगरपुर पीछे

उदयपुर संभाग के उपलब्ध आंकड़ों में बांसवाड़ा सबसे आगे है। यहां 1,517 आवेदनों में से 1,136 छात्राओं के बिल जनरेट हुए हैं। इसके विपरीत डूंगरपुर में 1,174 आवेदनों में से महज 269 के बिल बने हैं। सलूंबर में 120 आवेदन आने के बावजूद अब तक एक भी बिल जनरेट नहीं हुआ है।

पात्र छात्राओं को लाभ दिलाने के प्रयास

"कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में बांसवाड़ा जिला गंभीरता से काम कर रहा है। वंचित छात्राओं के संबंध में निदेशालय से दिशा-निर्देश मिले हैं। माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग से समन्वय कर शेष पात्र छात्राओं को भी राशि जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।" कैलाश मीणा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, बांसवाड़ा

बड़ी खबरें

View All

बांसवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग