पुलिस जाब्ता रहा तैनात, समझाइश पर मामला हुआ शांत
बांसवाड़ा/ चिडिय़ावासा. उदयपुर मार्ग स्थित मोरड़ी मिल के एक प्लांट में ड्यूटी के दौरान सोमवार रात एक श्रमिक फंदे पर लटका दिखा। अन्य श्रमिकों ने मिल अधिकारियों को इत्तला दी। इसके बाद पुलिस भी पहुंंची व शव मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार सुबह मृतक के परिजन व ग्रामीण मिल परिसर के बाहर एकत्र हो गए। इस दौरान कुछ लोगों ने हत्या का अंदेशा भी जताया। हंगामे की स्थिति बनने पर मौके पर आला अधिकारी पहुंचे व समझाइश की। वहीं मिल प्रबंधन ने भी नियमानुसार लाभ देने को आश्वस्त किया।
पुलिस के अनुसार मिल में कार्यरत अशोक (27) पुत्र बदामीलाल चरपोटा निवासी रोहिड़ा अपने मामा के घर खाकरिया गढ़ा रहता था। वहीं से वह मिल में आना-जाना करता था। सोमवार को उसकी रात की शिफ्ट में ड्यूटी थी। वह सात बजे ड्यूटी पर आया और एक घंटे तक काम किया। इसके बाद वह कहीं नजर नहीं आया। करीब नौ बजे अन्य श्रमिकों ने उसे प्लांट के एक कोने में कपड़े की कतरनों के फंदे पर लटका देखा तो मिल अधिकारियों को सूचना दी। इस पर वे तत्काल प्लांट में पहुंचे। साथ ही सदर थाना पुलिस को इत्तला दी गई। इस पर थानाधिकारी पूनाराम पहुंंंचे। पुलिस की ओर से जानकारी देने पर मृतक के परिजन भी रात करीब साढ़े 12 बजे मिल पहुंचे। इसके बाद परिजनों से समझाइश कर शव को बांसवाड़ा एमजी अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया।
हंगामे की स्थिति, अधिकारी पहुंचे
मंगलवार सुबह मिल में हंगामे की स्थिति बनी। इस पर थाने से जाब्ता तैनात किया गया। मृतक के परिजन व कुछ ग्रामीण ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करते रहे। सूचना पर घाटोल एसडीएम विजयेश पण्ड्या मौके पर पहुंचे। इस दौरान करणपुर से रणछोड़ डोडियार, उप सरपंच अरुणसिंह चारण, प्रकाश मईड़ा, प्रकाश बामनिया, देवीलाल, रमेश निनामा आदि उपस्थित रहे। इधर, मामले में थानाधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना पर रात को मौके पर पहुंचने के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया। दिन में परिजनों से समझाइश की। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के पिता बदामीलाल ने रिपोर्ट दी है।
इस पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच वे स्वयं कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्लांट के एचआर मनीष स्वामी ने बताया कि युवक अशोक सालभर से काम पर आ रहा था। सोमवार रात को वह फंदे पर लटका दिखा। उसके आश्रितों को कम्पनी की ओर से देय बेनिफिट मिलेंगे। युवक शादीशुदा था। छह दिन पहले ही उसकी पत्नी का प्रसव हुआ था। उसके एक बेटी व दो बहनें हैं। उसके मामा राकेश कटारा ने कहा कि मिल प्रबंधन से गरीब परिवार की मदद करने की मांग रखी है। मिल प्रबंधन ने सहयोग देने को आश्वस्त किया है। मामले में भांजगड़ा होने और साढ़े तीन लाख रुपए नकद दिए जाने की भी चर्चा चली, लेकिन मिल अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।