बांसवाड़ा

ग्राउंड रिपोर्ट: 2022 से 2026 तक वागड़ में नकली नोटों के 5 बड़े मामले, जानें गुजरात-MP बॉर्डर के रास्ते कैसे फैला नेटवर्क?

राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर (वागड़ क्षेत्र) में गुजरात और मध्यप्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी का फायदा उठाकर जाली नोटों का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद गिरोह के मास्टरमाइंड अब भी पकड़ से दूर हैं। हाल ही में सितंबर 2026 में रामसागड़ा थाना पुलिस ने 4.95 लाख रुपए के नकली नोट, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन और कार बरामद कर दो आरोपियों को पकड़ा।
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rajasthan fake currency network
Rajasthan Fake Currency Network (Photo-AI)

Rajasthan Fake Currency Network: बांसवाड़ा: गुजरात और मध्यप्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर के कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होने के साथ ही अपराध की डगर को भी आसान बना रही है। शराब और पशुओं के अवैध परिवहन के बाद अब वागड़ के इन दोनों जिलों के तार नकली करेंसी से भी सीधे जुड़ रहे हैं। गत वर्षों में सामने आए जाली नोटों के मामलों को जोड़कर देखें तो बांसवाड़ा-डूंगरपुर में नकली करेंसी का खेल यहां रच-बस गया है। हर साल वागड़ के किसी न किसी कस्बे में युवा नकली करेंसी को खपाने की जुगत में पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस के हत्थे अब तक मास्टरमाइंड नहीं आ पाए हैं।

पेट्रोल पंप : आसान निशाना

नकली नोट खपाने के लिए पेट्रोल-डीजल पंप बदमाशों के लिए आसान जरिया बन रहे हैं। भीड़भाड़ और लगातार होने वाले नकदी लेनदेन के बीच हर नोट की बारीकी से जांच नहीं हो पाती। यही नकली नोट आगे बाजार और बैंक के कैश काउंटर तक पहुंच जाते हैं।

5 बड़े मामले, लगातार सामने आता नेटवर्क

2026 : डूंगरपुर में 4.95 लाख के नकली नोट

सितंबर 2026 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र में दो आरोपियों से 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के 991 नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने प्रिंटर, कागज, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल, कार और स्कूटी भी जब्त की। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए नोट बनाना सीखने की बात सामने आई।

2025 : आनंदपुरी में अंतरराज्यीय गिरोह

आनंदपुरी पुलिस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात तक जुड़े जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित 17 से अधिक आरोपियों को पकड़ा। 500, 200 और 100 रुपए के नोट बनाने के उपकरण मिले। दाहोद से लाकर बाजार में खपाने की बात सामने आई।

2024 : कुशलगढ़ में दो करोड़ के बदले नकली नोट

मार्च 2024 में लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों से करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए।

2023 : सागवाड़ा के युवकों का अजमेर कनेक्शन

अक्टूबर 2023 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अजमेर में चल रहे नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसमें सागवाड़ा के दो युवकों का कनेक्शन सामने आया। दोनों करीब छह लाख रुपए की नकली करेंसी लेकर दिल्ली पहुंचे थे।

2022 : सरकारी क्वार्टर में छप रहे थे नोट

अगस्त 2022 में बांसवाड़ा शहर की विद्युत निगम कॉलोनी में पुलिस ने कार्रवाई कर सरकारी विभाग के लेखाकार सहित तीन लोगों को पकड़ा। मौके से 79 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए।

दो राज्यों से सीधा जुड़ाव, निगरानी बड़ी चुनौती

गुजरात बॉर्डर : डूंगरपुर से महज 35 और बांसवाड़ा से 142 किमी

एमपी बॉर्डर : बांसवाड़ा से 128 और डूंगरपुर से 228 किमी

ये 3 प्रमुख कारण

1. गुजरात-एमपी का जुड़ाव :

राष्ट्रीय राजमार्ग और लगातार परिवहन की सुविधा के चलते बाहरी क्षेत्रों से यहां पहुंचना आसान है।

2. जागरूकता की कमी :

ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नोट की कागज की मोटाई, छपाई और सुरक्षा चिह्नों पर ध्यान नहीं देते। इसका फायदा उठाकर नकली नोट आसानी से चल जाते हैं।

3. बेरोजगारी का फायदा :

गिरोह युवाओं को लालच देकर पेडलर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये युवक सार्वजनिक परिवहन के जरिए बड़े शहरों से नकली नोट लाकर स्थानीय बाजार में खपा देते हैं।

पुलिस लेती है एक्शन

वागड़ गुजरात और एमपी बॉर्डर के नजदीक है। ऐसे में पुलिस को विशेष ध्यान देना पड़ता है और पुलिस आरोपियों की समय-समय पर धरपकड़ भी कर रही है। पुलिस ने अंदरूनी रास्तों पर भी सघन निरीक्षण दल बनाए हैं। वहीं, इन राज्यों की पुलिस से मिलने वाले इनपुट पर भी एक्शन लेते हैं।

-सुधीर जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

Updated on:
02 Oct 2026 10:42 am
Published on:
02 Oct 2026 10:42 am