
बांसवाड़ा
राजस्थान में अंधविश्वास का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद भी राजस्थान के कुछ जिले में मासूमों को उपचार के नाम पर गरम सलाखों से दागा जाता हैं। कुछ दिनों के अंतराल के बाद ऐसा ही एक मामला राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में सामने आया है जहां बुखार और ताण के उपचार के नाम पर मासूम को जलती अगरबत्ती से उसकी नानी ने दाग दिया।
नानी ने अपने ही नाती को अगरबत्ती से दागा
बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा क्षेत्र में एक बार फिर बुखार और ताण के उपचार के नाम पर मासूम को जलती अगरबत्ती दागने का खेल सामने आया है। इस बार यह कृत्य किसी भोपे ने नहीं बल्कि नानी ने अपनी नाती के साथ किया। तबीयत बिगडऩे पर मंगलवार को उसे महात्मा गांधी अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती किया गया।
अगरबत्ती से दागने के बाद मासूम की बिगड़ी तबीयत
बागीदौरा क्षेत्र के वड़ली पाड़ा गांव के धूलिया ने बताया कि आठ दिन पूर्व उसके पांच साल के बेटे निकुल को बुखार आया था। जिसके बाद वह स्वत: ही ठीक हो गया था। लेकिन मंगलवार शाम को अचानक खेलते खेलते उसे उल्टी हुई और ताण आने लगी। इस पर नानी रतन पत्नी खोमा और काका ने अगरबत्ती से उसके माथे पर दो ‘डाम’ दिए। इसके बाद बच्चे का स्वास्थ्य और बिगड़ गया,जिस पर उसे बागीदौरा चिकित्सालय लेकर गए, जहां से उसे महात्मा गांधी अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया।
बीमारी को लेकर चिकित्सकों ने बताया कि निकुल को ताण और बुखार की समस्या है। फरवरी से अभी तक इस तरह की चौथी घटना सामने आई है। जहां जिले में मासूमों को उपचार के नाम पर ‘डाम’ देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अब लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन ने भी चुप्पी साध लिया है और वही दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग भी ऐसे मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।