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पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू की गई ठेका प्रथा ही बिगाड़ रही व्यवस्था, देखिये वीडियो

पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू की गई ठेका प्रथा ही व्यवस्था को बिगाड़ रही है।
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बीकानेर

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dinesh kumar swami

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Updated: 2 May 2018, 8:56 AM IST

PBM hospital bikaner

पीबीएम अस्पताल

बीकानेर. पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू की गई ठेका प्रथा ही व्यवस्था को बिगाड़ रही है। पीबीएम एवं एसपी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कई काम ठेके पर दिए हुए हैं। ठेकेदार शर्तों के मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं और न ही उपकरण व पूरे कार्मिकों लगा हैं। कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन ठेके की शर्तों के मुताबिक काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड करने के केवल दावे करता है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है।

पीबीएम अस्पताल के रेडियो डायग्नोसिस विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है। ट्रोमा सेंटर में मरीजों के एक्स-रे के लिए १० सहायक रेडियोग्राफर ठेके पर लगाए गए, लेकिन वर्तमान में यहां चार सहायक रेडियोग्राफर ही काम कर रहे हैं। ठेकेदार पूरे सहायक रेडियोग्राफर नहीं लगा रहा है, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। हालात यह है कि एक्स-रे के मुख्य विभाग से कर्मचारियों को यहां कार्य व्यवस्था के तहत लगाना पड़ रहा है, जिससे मुख्य भवन के साथ ट्रोमा सेंटर भी व्यवस्था गड़बड़ा रही है।

दो-तीन घंटे बाद मिलते हैं एक्स-रे
ट्रोमा सेंटर व मुख्य भवन में कर्मचारियों की कमी से मरीज बेहद परेशान हैं। किसी मरीज ने सुबह नौ बजे एक्स-रे करवा लिया है तो उसे दो-तीन घंटे बाद एक्स-रे दिया जाता है। ट्रोमा में इमरजेंसी के मरीजों के एक्स-रे ही हाथोंहाथ दिए जाते हैं। सामान्य मरीज एक्स-रे लेकर चिकित्सक के पास पहुंचते हैं, तब तक चिकित्सक सीट से जा चुके होते हैं।

ठेके पर दस, अब केवल चार
पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने ट्रोमा सेंटर के लिए ठेके पर १० सहायक रेडियोग्राफर लगाए थे। वे पिछले साल सरकारी सेवा में चयन होने पर चले गए। इसके बाद ठेकेदार ने यहां केवल एक सहायक रेडियोग्राफर लगा रखा था। हाल ही तीन और बढ़ाए हैं, जबकि छह की अब भी कमी है।

होती है परेशानी
&सुबह साढ़े नौ बजे एक्स-रे कराया। दोपहर १२ बजे से पहले एक्स-रे नहीं नहीं है। एक्स-रे मिलता है, तब तक चिकित्सक चले जाते हैं। इससे बहुत परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन को चाहिए कि आधे घंटे में एक्स-रे दिलवाने की व्यवस्था करे, ताकि मरीजों को उचित उपचार मिल सके।
महेश सैनी, मरीज का परिजन

सफाई व्यवस्था भी बदहाल
सफाई व्यवस्था का भी कुछ एेसा ही हाल है। सफाई ठेकेदार ने भी शर्तों के मुताबिक न तो कर्मचारी लगा रखे हैं और ना ही सफाईकर्मियों की व्यवस्था की है। इससे सफाई व्यवस्था बदहाल है।

सवा साल से अटका भुगतान
सहायक रेडियोग्राफरों का सरकारी सेवा में चयन में होने के बाद से कमी है। नए रेडियोग्राफरों को सरकारी नियमानुसार मानदेय देने को तैयार नहीं है। इसलिए दिक्कत आ रही है। वर्तमान में व्यवस्था अपने स्तर पर ही कर रहा हूं। पिछले सवा साल से सहायक रेडियोग्राफरों को किए गए वेतन का भुगतान नहीं मिला है, जबकि बिल पेश कर चुका हूं।
मौफिक खान, ठेकेदार

ठेकेदार को दिया नोटिस
&सहायक रेडियोग्राफर की ठेके की शर्तों के मुताबिक व्यवस्था नहीं करने की शिकायत मिली थी। संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। ठेकेदार से पूरी जांच-पड़ताल की जाएगी। अगर वह ठेके की शर्तों के अनुसार कार्मिकों की व्यवस्था नहीं करता है तो सरकार से मार्गदर्शन लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरपी अग्रवाल, प्राचार्य, एसपी मेडिकल कॉलेज