पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट
बांसवाड़ा. बाहुबली कॉलोनी में चातुर्मासरत आर्यिका प्रशस्तमति माताजी का 10वां दीक्षा दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विविध अनुष्ठान किए गए।
चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया कि दीक्षा दिवस पर आर्यिका प्रशस्तमति माताजी को आर्यिका अर्हमश्री माताजी ने शास्त्र भेंट किए। कमल सालगिया परिवार ने पाद प्रक्षालन किया गया। सास मंडल बहू मंडल नवयुवक मंडल द्वारा अघ्र्य को सजाकर पूजन किया गया। समाजजनों ने पुष्प वृष्टि की। रिंकू मैंदावत ने संगीतमय पूजा कराई। आर्यिका ने अपने दीक्षा दिवस पर कहा कि 20 वर्ष की आयु में दीक्षा लेने के भाव उत्पन्न हुए थे।बाल्यकाल से धर्म से जुड़ी रही और सोचा था कि देव, शास्त्र और गुरु के लिए जीवन समर्पित करूंगी। पुण्य कर्म का योग नहीं होने से आचार्य से निवेदन करती थी, लेकिन आचार्य ने कहा कि और तपना पड़ेगा। आचार्य विमल सागर के दर्शन को गई और दीक्षा का निवेदन किया तो कहा कि समय टल गया है। 50 वर्ष की उम्र होने के बाद ही दीक्षा होगी। आचार्य की बात सत्य हुई। 50 वर्ष की आयु में अभिनंदन सागर महाराज के सान्निध्य में दीक्षा हुई। इस अवसर पर आर्यिका अर्हमश्री ने कहा कि आज संयम को धारण करने की भावना से दीक्षा दिवस मना रहे हैं। दीक्षा के दिवस जैसी विशुद्धि पूरे जीवनभर बनी रहे और लक्ष्य को प्राप्त करें।