Banswara Latest Hindi News, Rajasthan Educational News : किशोरी शैक्षिक उत्सव- ऑनलाइन आयोजन होगा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त संसाधन तक नहीं, ऑनलाइन शिक्षण से पहले ही दूर रह चुके है हजारों विद्यार्थी
वरुण भट्ट/बांसवाड़ा. जनजाति क्षेत्र में बिखरी बस्ती व टापरों में गुजर बसर। ऑनलाइन शिक्षण के पर्याप्त संसाधन भी नही। कोविड 19 में ऑनलाइन शिक्षण से पहले से दूर एवं स्माइल टू में शिक्षकों की विद्यार्थियों तक पहुंच नहीं होने जैसे हालातों के बावजूद शिक्षा विभाग एक ओर औपचारिता कर रहा हैं। इस बार 17 लाख से अधिक के बजट खर्च का प्रयोग विभाग किशोरी शैक्षिक उत्सव (किशोरी मेला ) ऑनलाइन मोड पर आयोजित करने पर कर रहा हैं। अव्वल तो फरमान ही अब विभाग तक पहुंचा हैं। विभाग ने सोशल गु्रप में डालकर पीईईओ तक सूचना पहुंचाने की औपचारिकता तो कर ली हैं, लेकिन अब शत-प्रतिशत विद्यालयों तक इसकी सूचना पहुंचाकर विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती हैं। शिक्षक भी इस बात को स्वीकार रहे है कि स्थानीय भौगोलिक स्थिति व संसाधनों की अनुपलब्धता से यह कवायद महज औपचारिकता ही हैं।
यों समझे बजट का गणित
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रत्येक पीईईओ स्तर पर पांच हजार रुपए का बजट दिया जाएगा। प्रति विद्यालय 500-500 रुपए का बजट तय है। अकेले बांसवाड़ा जिले में 349 पीईईओ एवं 2800 से अधिक राजकीय प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय हैं। ऐसे में यह बजट 17 लाख से अधिक का खर्च हो रहा है। प्रत्येक विद्यालय को गाइडलाइन में दिए गए थीम के अनुसार स्टॉल लगाना अनिवार्य है, जिसमें अधिकतम 5 बच्चों की ओर से भागीदारी की जाएगी। ऑनलाइन प्रस्तुति के लिए वीडियो बनाने सहित अन्य कार्य के लिए भी कई विद्यार्थियों के पास तो संसाधन तक नहीं हैं।
यह है टाइम फ्रेम व हकीकत
निर्देश- 21 व 22 दिसंबर- विद्यार्थियों तक सूचना पहुंचाना। इच्छुक छात्राओं की ओर से एकल और छात्र-छात्राओं की ओर से समूह प्रोजेक्ट चिह्नित करना। स्माइल 2 मार्गदर्शन के दौरान छात्र छात्राओं को मार्गदर्शन दिया जा सकेगा।
हकीकत- आदेश ही देरी से मिला है। अब विद्यार्थियों को नियम सहित अन्य जानकारियां कैसे दी जाएंगी ये बड़ा सवाल।
निर्देश- 23 दिसम्बर- विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टॉल के लिए मॉडल गतिविधि की ऑनलाइन प्रस्तुति।
हकीकत- अधिकांश विद्यार्थियों के पास संसाधन ही उपलब्ध नहीं हैं।
निर्देश- 24 दिसम्बर- पीईईओ स्तर पर समस्त प्रस्तुतियों की समीक्षा कर प्रत्येक जोन में श्रेष्ठ प्रस्तुति को चिन्हित करना। प्रारंभिक एवं माध्यमिक श्रेणी में तीनों जोन के अंतर्गत भाग लेने वाले समस्त छात्र -छात्राओं को प्रोत्साहन पत्र एवं प्रथम तीन स्टॉल प्रस्तुति को प्रशस्ति पत्र।
हकीकत- अधिकांश पीईईओ आयोजन को ही जनजाति क्षेत्र में उचित नहीं मान रहे है। इसे बजट खर्च की औपचारिकता बता रहे हैं।
इनका कहना है
सभी कार्यक्रम व प्रस्तुतियां ऑनलाइन मोड पर होगी। उच्च स्तर से आदेश प्राप्त होने के साथ ही विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी को लेकर प्रयास शुरू कर दिए है। कोशिश यही है कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार विभिन्न नवाचारों को बढ़ावा देकर प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए।
भूपेश पंड्या, कार्यक्रम अधिकारी समग्र शिक्षा बांसवाड़ा