बांसवाड़ा

सियासी संकट में बीटीपी के 2 विधायकों ने लिए 10-10 करोड़, बागीदौरा विधायक का वीडियो वायरल

Mahendrajeet Singh Malviya Viral video: राज्य में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त का 'जिन्न' फिर सियासी बोतल से बाहर निकला है।

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बांसवाड़ा. Mahendrajeet Singh Malviya Viral video: राज्य में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त का 'जिन्न' फिर सियासी बोतल से बाहर निकला है। बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह आरोप लगा रहे हैं कि डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा और चौरासी सीट से जीते भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दोनों विधायकों ने दो मौकों पर 5-5 करोड़ रुपए लिए।

यह वीडियो पंचायत राज चुनाव के तहत मुंदरी गांव में हुई एक सभा का बताया जा रहा है। गौरतलब है कि सियासी संकट ( Rajasthan political crisis 2020 ) के दौरान चौरासी विधायक ने भी वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने अपहरण करने जैसी बात कही थी। उन्होंने इस पर सफाई दी और बाद में बीटीपी के दोनों विधायकों ने सरकार को समर्थन भी दिया था।

वीडियो के अनुसार सभा में यह बोले मालवीया
पंचायत समिति और जिला परिषद में 28 सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। सबके हाथ में निशान है। बीपीटी वालों में किसी के पास बल्ला, किसी के पास तराजू और किसी के पास झोपड़ी। ये सब कब एकत्र होंगे और कब हमारा भला करेंगे? वे कहते हैं कि हम आदिवासी परिवार के हैं... तो हम किस परिवार के हैं? अभी प्रमुख ठीक कह रही थी। दो एमएलए ने दो बार पांच-पांच करोड़ रुपए लिए हैं।

पांच-पांच सौ लाख। राज्यसभा के चुनाव में पांच करोड़ रुपए लिए। सरकार गिर रही थी, पांच-पांच सौ लाख लिए। दोनों बार मिलाकर डूंगरपुर के दोनों एमएलए ने दस-दस करोड़ रुपए लिए। तुम विचार करो। मुझे इतने साल हो गए, मुझे दस करोड़ नहीं मिले। मुझे दे दे तो घर चला जाऊं। उनको रुपए लेकर मस्ती सूझ रही है। यहां भी लड़कों को 'ससाई' छूट रही है। ऐसा नहीं होना चाहिए भाइयों।

पत्रिका ने पूछा तो बोले, मस्त रहो
मालवीया से राजस्थान पत्रिका ने फोन पर इस बारे में सवाल किया तो बोले, सब बेकार की बात है। मस्त रहो।

इधर डिंडोर बोले: हमने सरकार बचाई, उन्हें यही खटक रहा है
इधर, सागवाड़ा विधायक रामप्रसाद डिंडोर ने कहा, भाजपा वाले करोड़ों रुपए दे रहे थे तब चले जाना चाहिए था। उनका (मालवीया) का भी नाम था। तभी तो सरकार गिरने की स्थिति आई। वह भी तो जाने वाले थे। हमने सरकार बचाई। यही उन्हें खटक रहा है कि सरकार क्यों बचाई, गिरनी चाहिए थी। कांकरीडूंगरी मामले में भी उनके बारे में लोग जान गए। अब भांडा फूटने वाला है। डर घुस गया है तो जगह तलाश रहे हैं। दूसरी ओर, चौरासी विधायक राजकुमार रोत से काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया।

Updated on:
28 Nov 2020 09:45 am
Published on:
28 Nov 2020 09:32 am
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