बांसवाड़ा

किर्गिस्तान में पाकिस्तानी छात्रों की हत्या: बांसवाड़ा—डूंगरपुर के सैकड़ों छात्रों के दिल से निकल नहीं रही दहशत

सोशल मीडिया के जरिए मदद मांग रहे वागड़ के एमबीबीएस छात्र, परिजनों में बढ़ी चिंता, भारतीय दूतावास और बिश्केक की यूनिवर्सिटीज ने बाहरी विद्यार्थियों को हॉस्टल और फ्लैट्स में ही बंद रहने की दी सलाह
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किर्गिस कम, भारतीय सहित अन्य देशों के ज्यादा
इस बीच, पत्रिका से बातचीत में डॉ. उपाध्याय ने बताया कि किर्गिस में 11 विश्वविद्यालय हैं, जिनमे आईएसएम यूनिवर्सिटी के ही सात हॉस्टल है। इसके अलावा किग्रीस स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी सहित अन्य विश्वविद्यालयों में किर्गिस छात्र बहुत कम हैं और बड़ी संख्या में भारतीयों के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों के विद्यार्थी हैं। पाकिस्तानी छात्रों की हत्याओं के बाद उन पर हमलों के चलते बच्चे हालात बताते हुए घबराकर मदद मांग रहे हैं।

फोन पर दे रही दिलासा, एम्बेसी से भी नहीं मिल रही मदद
एक संगठन में सामाजिक कार्यकर्ता का दायित्व भी संभाल रहीं डॉ. उपाध्याय ने दावा किया कि उन्होंने किग्रीस विश्वविद्यालयों के मैनेजमेंट से बात की, तो उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देकर संवाद से इनकार किया जा रहा है। चुप रहने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है। उन्होंने इस सिलसिले में विदेश मंत्रालय और किर्गिस एम्बेसी से भी बात की। वहां के माहौल के बारे में डॉ. उपाध्याय बताती हैं कि किर्गिस के युवाओं में नस्लवाद हावी है। वे भारतीयों सहित सभी विदेशियों को निकालने की मांग कर उपद्रव कर रहे हैं। अमूमन वे दिन में शांत रहते हैं और रात में हमले कर रहे हैं।

Updated on:
20 May 2024 07:20 pm
Published on:
20 May 2024 07:20 pm