Coronavirus Update : बांसवाड़ा से कुशलगढ़ पहुंची टीम, भ्रांतियां दूर करने की कोशिश भी
बांसवाड़ा/कुशलगढ़. जिले में कोरोना का एक भी संदिग्ध सामने नहीं आने से गुरुवार का दिन भी सुखद रहा। हालांकि इस बीच, रेंडम नमूने लेने का सिलसिला कुशलगढ़ में चला, जहां की एक महिला की फेफड़े खराब होने से मौत पर बने दशहत के माहौल को देखते हुए ऐहतियातन चार जनों के नमूने लिए गए। सीएमएचओ डॉ. हीरालाल ताबियार ने बताया कि कुशलगढ़ निवासी महिला की नेगेटिव रिपोर्ट बाद में आई थी, उससे पहले बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल में उसका निधन हो गया। इससे डर बढ़ गया। इसके मद्देनजर महिला के नजदीकी रहे उसके पति, बहन, बेटे के अलावा उपचार करने वाले सरकारी डॉक्टर के नमूने लिए गए। जिले में अब तक 3 हजार 190 टीमें 18 लाख 36 हजार 342 लोगों की स्क्रीनिंग कर चुकी हैं। अब तक संदिग्ध रोगियों के 22 सेम्पल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 18 नेगेटिव आए हैं।
सेंपलिंग विकेंद्रीकृत, अब कुशलगढ़ में भी : - इस बीच, एमजी अस्पताल में बढ़ते दबाव पर रेंडम के साथ सेंपलिंग के कार्य का विकेंद्रीकरण शुरू कर दिया गया। डॉ. ताबियार ने बताया कि इसके लिए बांसवाड़ा से दो चिकित्सकों डॉ. जिमेश पंड्या और डॉ. अश्विन पाटीदार की टीम भेजी गई, जिसने चार चिह्नित लोगों के दो सेंपल लेकर एमडी मेडिसन डॉ. मजहर हुसैन और लैब टेक्निशियन लखजी पाटीदार को बताया और उन्हीं से दो सेंपल दिलवाकर उदयपुर भिजवाए। इस दौरान चिकित्सकों ने लोगों की भ्रांतियां दूर करने समझाइश भी की।
दो रेफर केस आए, कोरोना संदिग्धों में नहीं : - इस बीच, संदेह पर आनंदपुरी और घाटोल से भेजे गए दो रोगियों की एमजी अस्पताल में जांच हुई। आनंदपुरी से आया युवक थायराइड रोगी पाया गया, जिसे सांस लेने में कुछ तकलीफ थी। घाटोल से आया प्रौढ़ दमारोगी था। दोनों में कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाने पर अलग उपचार शुरू कराया गया।