बांसवाड़ा

कार्यकर्ताओं को यथास्थान पदस्थापना का इंतजार

Rajasthan

धंबोला. ग्रामीण अंचलों में पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रही महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता परेशान है। वर्ष 2006 में संविदा पर नियुक्त इन कार्यकर्ताओं को वर्ष 2020 में नियमित कर दिया गया, लेकिन छह वर्ष बाद भी उन्हें उनके कार्यस्थल पर यथास्थान पदस्थापना नहीं मिल सका है। आज भी वे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर अधिशेष (सरप्लस) के नाम पर सेवाएं देने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि जिन उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ये महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्ष 2006 से लगातार सेवाएं दे रही हैं, उन्हीं केंद्रों पर नई भर्ती होने पर नई महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नियुक्त कर दिया जाता है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले के सीमलवाड़ा , आसपुर , सागवाड़ा ब्लॉक सहित राज्य में हाल के वर्षों में कई नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुले हैं और वहां पद भी रिक्त हैं। इसके बावजूद इन रिक्त पदों पर उन्हें समायोजित नहीं किया गया, बल्कि अन्य स्थानों अथवा नई नियुक्त कर्मचारियों को पदस्थापित कर दिया गया। दूसरी ओर विभाग उनके वेतन का भुगतान चिकित्सकों, एलएचवी एवं वाहन चालकों सहित कर्मचारियों के रिक्त पदों से समायोजित कर रखा है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि वर्षों की सेवा, अनुभव और ग्रामीण क्षेत्रों में उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें तत्काल उनके वर्तमान कार्यस्थलों अथवा रिक्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर यथास्थान पदस्थापित किया जाए।

Updated on:
28 Jul 2026 06:01 am
Published on:
28 Jul 2026 06:01 am