बांसवाड़ा

राजस्थान में यहां मतदान के लिए नाव पर सवार होकर आने की मजबूरी

Panchati Raj Election 2020 : बांसवाड़ा जिले के दनाक्षरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में माही बैक वाटर के गांवों के हालात
less than 1 minute read
राजस्थान में यहां मतदान के लिए नाव पर सवार होकर आने की मजबूरी
राजस्थान में यहां मतदान के लिए नाव पर सवार होकर आने की मजबूरी

बांसवाड़ा. जनजाति बहुल इलाकों में आज भी सुविधाओं का अभाव है हम बात कर रहे हैं। राजस्थान के सुदूर मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा से सटे बांसवाड़ा जिले की जहां आज भी गांव में आवागमन के संसाधनों का अभाव है। बांसवाड़ा जिले की दनाक्षरी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को चाहे मतदान करने के लिए आना हो या गेहूं पीसने के लिए, नाव में बैठकर सफर करना उनकी मजबूरी है। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर दनाक्षरी ग्राम पंचायत माही के बैकवाटर से जुड़ी हुई है। चारों ओर पानी के बीच में एक ओर ठीकरिया गांव है तो दूसरी ओर पातीनगरा गांव। इन दोनों गांव के बीच की दूरी को पाटने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। शनिवार को पंचायती राज चुनाव के लिए मतदान हुआ। ठीकरिया गांव के लोगों का मतदान केंद्र दनाक्षरी गांव में था। बीच में पानी की बाधा को ग्रामीणों को नाव में बैठकर पार करना पड़ा। ग्रामीण बताते हैं कि वर्षों से वे दोनों के बीच में पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण बताते हैं कि स्कूल में बच्चों को भेजना हो या गेहूं पीसने हो या कोई भी दैनिक कार्य नाव में ही बैठकर दनाक्षरी जाने के बाद वे मुख्य मार्ग से जुड़ पाते हैं। उनका कहना है कि एक और सड़क बनी है लेकिन उस सड़क से होकर मुख्य मार्ग तक पहुंचने में 10 किलोमीटर लंबा सफर करना पड़ता है, जबकि नाव से सफर सिर्फ एक से डेढ़ किलोमीटर का ही है। वे अपने गांव से नाव में बैठकर पहले पतिनगरा पहुंचते हैं और वहां से बांसवाड़ा रतलाम मुख्य मार्ग पर पहुंचते हैं।

Published on:
05 Dec 2020 07:58 pm