बांसवाड़ा

नेताजी की दो-दो ‘गृहलक्ष्मी’, उदयपुर संभाग में 4 भाजपा और एक कांग्रेस उम्मीदवार की दो-दो पत्नियां

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Updated: 21 Nov 2018, 2:10 PM IST
rajasthan election 2018

मृदुल पुरोहित
बांसवाड़ा। प्रदेश के दक्षिणांचल में वागड़-मेवाड़ क्षेत्र आदिवासी बहुल की पुरानी रीतियों और विचारधाराओं के चलते चुनावी माहौल में सुर्खियों में हैं। इन्हीं में सम्मिलित हैं 'नेताजी' की दो-दो पत्नी होना। उदयपुर संभाग में पांच प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने शपथ पत्र में अपनी दो-दो पत्नियां होना बताया है। हालांकि दो विवाह के यह मामले तीन-चार दशक पहले के हैं, जो आज भी पारिवारिक माहौल में एक साथ हैं।

शपथ पत्र में दी जानकारी
घाटोल से कांगे्रस प्रत्याशी नानालाल निनामा के दो पत्नियां काउड़ी देवी और नाथी देवी हैं। बागीदौरा से भाजपा प्रत्याशी खेमराज गरासिया की पत्नी रतन देवी व सुभद्रा देवी हैं। गढ़ी से लड़ रहे भाजपा के कैलाश मीणा की दो पत्नियां सन्तु व सविता हैं। बांसवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी हकरू के भी दो पत्नियां कान्तु और कमला देवी हैं। वल्लभनगर से भाजपा प्रत्याशी उदयलाल डांगी की पत्नी बाबुड़ी व डाली डांगी हैं।

यह बताए कारण
दो-दो पत्नी के बारे में आदिवासी समाज के कुछ लोगों से बातचीत की तो विभिन्न कारण सामने आए। कुछ ने इसे प्रतिष्ठा का कारण बताया तो किसी ने सहयोग की आकांक्षा। वहीं यह भी बताया कि एक से अधिक पत्नी होने के पीछे नाता प्रथा भी एक प्रमुख कारण रहा है। शिक्षा उप निदेशक रहे कांतिलाल डामोर का कहना है कि आदिवासी संस्कृति में एक पत्नी की ही परम्परा रही है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को कायम करने की मंशा से कई लोग दो-दो विवाह कर लेते हैं।

बांसवाड़ा में जिला खेल अधिकारी का पद संभाल रहे धनेश्वर मईड़ा बताते हैं कि पुराने समय में पुरुष दो-दो विवाह करते थे, लेकिन अब सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव आ रहा है। हालांकि राजनीति से जुड़े कुछ लोगों के जरूर दो-दो पत्नियां हैं। इसका कारण परिवार के लोगों की ओर से विरोध नहीं करना भी होता था। वहीं शिक्षक दिनेश मईड़ा का कहना है कि यह पुराने समय से चला आया है।

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21 Nov 2018, 2:10 PM IST
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