Rajasthan Farmers : राजस्थान में गेहूं की उत्पादन प्रभावित होने और गुणवत्ता खराब होने से चिंतित किसानों को केंद्र ने रियायत देने के लिए तीन टीमें गठित की है। जयपुर में आज विभागीय अधिकारियों के साथ इस टीम की बैठक होने की संभावना है।
Rajasthan Farmers : गेहूं की उत्पादन प्रभावित होने और गुणवत्ता खराब होने से चिंतित किसानों को केंद्र ने रियायत देने के लिए टीम गठित कर दी है। केंद्र के मंत्रालय ने राज्य सरकार की ओर से 2 और 5 अप्रेल को प्राप्त पत्रों के आधार पर गेहूं की फसल में हुए नुकसान एवं क्षति का आकलन करने के लिए यह कदम उठाया हैं। इसके लिए मंत्रालय ने तीन टीमें गठित की हैं, जिनमें सहायक निदेशक और तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत राजस्थान पहुंचे और राज्य सरकार व फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई), जयपुर के साथ मिलकर प्रभावित जिलों से गेहूं के नमूने एकत्र करें।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने बेमौसम बारिश व तापमान में अचानक वृद्धि से प्रभावित हुए गेहूं की राज्य सरकार से तत्काल रिपोर्ट मांगी थी। सोमवार को इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (भंडारण एवं अनुसंधान प्रभाग) ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है।
राजस्थान पत्रिका ने वागड़ क्षेत्र में मौसम परिवर्तन के कारण गेहूं की गुणवत्ता में आ रही गिरावट और उत्पादन कम रहने का मुद्दा उठाया था। जिला स्तर से सरकार को पत्र भेजे जाने के बाद राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 2 अप्रेल को केंद्र को पत्र भेजकर गेहूं की गुणवत्ता में गिरावट की जानकारी दी थी। इनमें बताया कि कई जिलों जिनमें बांसवाड़ा, राजसमंद, डूंगरपुर, बूंदी, बारां, कोटा, अलवर, सवाई माधोपुर, बीकानेर, झुंझुनूं और दौसा में कटाई के समय प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
इसके बाद 3 अप्रेल को मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे खेत और मंडी स्तर पर गेहूं की क्षति का विस्तृत आकलन करें। आकलन के आधार पर एक संयुक्त रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी गई व गुणवत्ता मानकों में छूट की मांग की गई। अब किसानों के गेहूं के खराबे के आधार पर छूट देने के लिए टीम गठित हो गई है।
जानकारी के अनुसार केंद्र की ओर से गठित प्रत्येक टीम में एक भंडारण एवं अनुसंधान प्रभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर एवं तकनीकी अधिकारी हैं। तीनों टीमें मंगलवार को जयपुर पहुंचेगी एवं इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों के उत्पादन की गुणवत्ता पर चर्चा करेंगी और वास्तविक स्थिति को देखेगी।