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Rajasthan : तीरंदाजी में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता श्यामलाल मीणा का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

Rajasthan : देश को तीरंदाजी में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाने वाले ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी श्यामलाल मीणा का रविवार रात निधन हो गया। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर फैल गई।

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ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी श्यामलाल मीणा। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : देश को तीरंदाजी में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाने वाले ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी श्यामलाल मीणा का रविवार रात निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और तबीयत बिगड़ने पर उन्हें महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां 24 मई 2026 की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर फैल गई। गौरतलब है कि मूलत: बांसवाड़ा जिले के केवड़िया के निवासी श्यामलाल मीणा ने तीरंदाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए।

प्रमुख रूप से मीणा ने वर्ष 1989 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीरंदाजी के क्षेत्र में देश को पहला अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें देश के सर्वोच्च खेल सम्मान अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया था। उन्होंने अपने खेल जीवन में अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। वे वर्तमान में जिला खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र बांसवाड़ा में तीरंदाजी प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत थे और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे थे।

बांस के देसी धनुष से किया था अभ्यास

जिला खेल अधिकारी धनेश्वर मईड़ा ने बताया कि श्यामलाल मीणा का जन्म 4 मार्च 1965 में हुआ था। उन्होंने 1988 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। श्यामलाल ने बांस से बने देसी धनुष से अभ्यास शुरू किया। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हाेने से उनकी पढ़ाई भी छूट गई।

1988 में पहली बार देश की तीरंदाजी टीम ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया, जिसमें श्यामलाल मीणा पहले तीरंदाजी दल के हिस्सा रहे। श्यामलाल कुछ समय से लीवर संबंधित समस्या से परेशान थे। वहीं, उन्हें शुगर भी हो गई थी। शनिवार को तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें एमजी में भर्ती करवाया था।

रक्तमित्र ने जीता नेमा प्रीमियर लीग सीजन-2 का खिताब

ठीकरिया में नेमा प्रीमियर लीग सीजन-2 का समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में पुरुष, महिला एवं अंडर-14 वर्ग के मुकाबले खेले गए। प्रवक्ता जिम्मी सराफ ने बताया कि एसआर बॉक्स क्रिकेट में आयोजित पुरुष वर्ग का रोमांचक फाइनल मुकाबला रक्तमित्र और श्रीजी रॉयल के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रक्तमित्र टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 2 विकेट खोकर 148 रन का स्कोर बनाया।

टीम की ओर से कुश दोसी ने 59 रन, चंकी शाह ने 49 रन तथा शैशव गुप्ता ने 25 रन की पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीजी रॉयल टीम की ओर से पूर्व शाह ने मात्र 28 गेंदों में 97 रन बनाए। वहीं स्वर शाह और लक्की सागवाड़िया ने 13 व 14 रन का योगदान दिया। इसके बावजूद टीम 10 ओवर में 135 रन ही बना सकी और रक्तमित्र टीम ने 13 रन से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।

महिला वर्ग में नेमा रॉक स्टारविजेता

महिला वर्ग में नेमा रॉक स्टार टीम विजेता रही, जबकि नेमा क्वीन टीम उपविजेता बनी। वहीं अंडर-14 वर्ग में नेमा स्ट्राइकर टीम ने खिताब जीता तथा नेमा पैंथर टीम उपविजेता रही। समापन समारोह में मुख्य अतिथि निमेश मेहता एवं दिलीप गुप्ता रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुबोध मालोत ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेन्द्र मेहता एवं शैलेन्द्र सराफ उपस्थित रहे। इस दौरान विजेता, उपविजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। कुश दोसी को मैन ऑफ द टूर्नामेंट, पल गुप्ता को बेस्ट बॉलर तथा पूर्व शाह को बेस्ट बैट्समैन का पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

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