बांसवाड़ा

Rajasthan Maternal Deaths : बांसवाड़ा में आठ माह की गर्भवती की मौत, आक्रोशित परिजन बोले- अस्पताल की लापरवाही

Rajasthan Maternal Deaths : बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौतों का सिलसिला जारी है। आज सोमवार को 8 माह की गर्भवती की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
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Rajasthan Maternal Deaths Banswara 8 month pregnant woman dies family members anger
Rajasthan Maternal Deaths : बांसवाड़ा में आठ माह की गर्भवती की मौत के बाद दुखी परिजन। फोटो पत्रिका

Rajasthan Maternal Deaths : बांसवाड़ा जिले में प्रसूताओं की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार सात प्रसूताओं की मौत के बाद सोमवार को एमजी अस्पताल में आठ माह की गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आया। मृतका की पहचान आबापुरा थाना क्षेत्र के सगेसरी गांव निवासी वागीता पत्नी वीरसिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने दाहोद रोड स्थित वर्धमान अस्पताल पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया है।

परिजनों के अनुसार वागीता का बांसवाड़ा के वर्धमान अस्पताल में नियमित उपचार चल रहा था। सोमवार को दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने से पहले पैसे की मांग की गई और खून की कमी बताकर एमजी अस्पताल भेज दिया गया। एमजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अस्पताल संचालक ने कहा, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत थी महिला

पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। वर्धमान अस्पताल संचालक शैलेंद्र जैन ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि महिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत थी। इधर, लगातार सामने आ रहे प्रसूता मौत के मामलों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग भी गंभीर नजर आ रहे हैं। वहीं जिले में प्रसूताओं की मौत के मामलों में जांच रिपोर्ट का अब भी इंतजार है।

बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी

कोटा, जोधपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा के बाद बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के मामले लगातार सामने आया है। गौरतलब है कि जिले में अब तक 6 प्रसूताओं और 3 नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। अधिकांश प्रसूताओं की मौत एनिमिया से होना सामने आ रहा है। इनमें सज्जनगढ़ ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय अंतर्गत कालाखूंटा सज्जनगढ़ निवासी शिल्पा (20 वर्ष) पत्नी महेन्द्र को प्रसव पीड़ा होने पर किसी दवाखाने में लेकर गए थे। पर, तब तक उसकी डिलेवरी हो गई और मृत शिशु का जन्म हुआ था। इस पर ग्रामीण क्षेत्र के चिकित्सालय से उसे 14 जुलाई को जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया था। पर, अत्यधिक रक्तस्त्राव होने एवं प्रसूता की हालत बहुत अधिक गंभीर होने पर उसे उदयपुर के लिए रैफर कर दिया, जहां पर, बताया गया कि 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

इनकी गई जान
1- रेखा (29 वर्ष) पत्नी हितेश, आंबापुरा।
2- रेश्मा (23 वर्ष) पत्नी प्रेम, अल्काखेड़ा, एमपी।
3- लक्ष्मी (21 वर्ष) पत्नी अरविंद, सवनिया घाटोल।
4- लीला (32 वर्ष) पत्नी विजय, काहेला गढ़ी।
5- लक्ष्मी (32) पत्नी प्रभुलाल चरपोटा, पातेला पांडा।

पहली प्रसूता की मौत 7 जुलाई को हुई। 8 जुलाई को दूसरी और 10 जुलाई को 2 अन्य प्रसूताओं की मौत हो गई। इनमें एक नाबालिग को ग्रामीण क्षेत्र में गर्भपात के प्रयास के बाद भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सवनिया निवासी लक्ष्मी, मध्यप्रदेश निवासी रेश्मा की मौत गंभीर एनीमिया से जुड़ी बताई जा रही है, जबकि लीला की मौत का संभावित कारण सिजेरियन के दौरान उच्च रक्तचाप माना जा रहा है।

Updated on:
20 Jul 2026 06:37 pm
Published on:
20 Jul 2026 06:31 pm