सीएमएचओ के नेतृत्व में टीम ने पहुंचकर की कार्रवाई
बांसवाड़ा. शहर में बगैर विशेषज्ञों के चल रहे सोनोग्राफी सेंटरों पर चिकित्सा विभाग की टीम ने शुक्रवार को जांच की। तीनों केंद्रों पर बीते कुछ दिनों से सोनोग्राफी बंद होने की पुष्टि हुई, लेकिन दुरुपयोग की आशंका खत्म करने के लिए मशीनें सील करने की कार्रवाई की गई।
सीएमएचओ डॉ. हीरालाल ताबियार के नेतृत्व में टीम ने कलक्टर अंकित कुमार सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की। डॉ. ताबियार ने शाम को बताया कि स्वास्थ हॉस्पिटल के सोनोग्राफी सेंटर, मां सोनाग्राफी संस्थान-आसमा अस्पताल, शरण स्थल मिशन हॉस्पिटल और मेवाड़ हॉस्पिटल के सोनोग्राफी कक्षों को सील किया गया। हालांकि इनमें सोनोग्राफी करने के लिए विशेषज्ञ नहीं होने से सेवाएं पहले से बंद पड़ी थी। एक सेंटर से विशेषज्ञ 15 दिन से अलग होने पर उसने स्वयं इस बारे में सूचना भेजी, तो अन्य सेंटर का ऑनलाइन रेकॉर्ड देखा गया। पता चला कि तीन और सेंटर पर बीते कुछ दिनों से सोनोग्राफी का आंकड़ा शून्य रहा। इनमें विशेषज्ञ ही नहीं है। ऐसे में दुरुपयोग की आशंका पर ऐहतियात सेंटर सील करने की कार्रवाई की। पीसीपीएनडीटी सीओ हरिकांत शर्मा ने बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कार्रवाई के उपरांत अब इन केंद्रों पर विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित होने की पुष्टि पर ही सील खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि एक्ट के प्रावधानों की पालना नहीं होने पर अन्य केंद्रों पर भी आगे कार्रवाई होगी। कार्रवाई दल में पुष्पकांत राणा और मगनलाल मछार भी शामिल रहे। पीसीपीएनडीटी सीओ हरिकांत शर्मा ने बताया कि नियमानुसार बिना विशेषज्ञ के सोनाग्राफी सेंटर चलाना गलत है। जो कार्रवाई के तहत आता है।