
शहर के पातेला आंबेड़कर कॉलोनी का मामला , सांप-बिच्छुओं का खौफ और गंदे पानी की सप्लाई से फूटा गुस्सा
डूंगरपुर:
शहर की पातेला आंबेडकर कॉलोनी वार्ड संख्या 17 के निवासी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में खफा हैं। इलाके में नियमित सफाई न होने, खाली प्लॉटों में उगी घनी झाड़ियों, पेयजल संकट, दूषित पानी की आपूर्ति और खस्ताहाल रास्तों को लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश दर्ज कराया है। निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन को बार-बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
पेयजल संकट और मटमैले पानी की आपूर्ति
वार्ड की ललिता हरिजन ने बताया कि वार्ड में पानी की बहुत विकट समस्या है। पूरे दिन में केवल 10 से 15 मिनट ही पानी की आपूर्ति की जाती है, और वह पानी भी इतना गंदा व बदबूदार होता है कि उसका उपयोग करना संभव नहीं है। कॉलोनी का एक बड़ा हिस्सा ढलान और ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने के कारण नलों में पानी का दबाव नहीं बन पाता, जिससे कई घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाती। हरिजन मोहल्ले के लोग पीने के पानी के लिए लगातार तरस रहे हैं।
झाड़ियों का अंबार और विषैले जीवों का खौफ
प्रीति हरिजन एवं आंचल हरिजन ने बताया कि इलाके में सफाई कर्मी कभी आते ही नहीं हैं। घर के आसपास और पीछे कई खाली प्लॉट पड़े हैं, जिनमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां और कचरा जमा है। यहां आए दिन जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीव-जंतु निकलते रहते हैं। हाल ही में घर के पास एक बहुत बड़ा सांप निकला था, जिससे घर में मौजूद छोटे-छोटे बच्चों को लेकर हर वक्त अनहोनी का डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि हम खुद पूरे शहर की सफाई व्यवस्था में अपना योगदान देते हैं, लेकिन हमारे अपने ही मोहल्ले के बाहर की सफाई करने कोई नहीं आता। चारों तरफ गंदगी, मच्छर और कीचड़ फैला हुआ है, जिससे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
नहीं हो रही सुनवाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने वार्ड पार्षद प्रियंका रोत (रावत) को कई बार खाली प्लॉटों की सफाई करवाने, झाड़ियों की कटाई करने और पानी का प्रेशर दुरुस्त करवाने के लिए कहा, लेकिन हर बार उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द ही सफाई, सड़क और पेयजल की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो वे मजबूरन कलक्ट्रेट और नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।