
बांसवाड़ा. बांसवाड़ा-डूंगरपुर मुख्य मार्ग पर लोधा स्थित तालाब में हजारों मछलियों की मौत हो गई हैं। मछलियों की मौत का कारण पानी का प्रदूषित होना बताया जा रहा है। मछलियां मरने के बाद उठ रही दुर्गंध से इस मार्ग से आवागमन करना मुश्किल हो रहा है। लोधा तालाब तलवाड़ा पंचायत समिति का प्रमुख तालाब है और प्रतिवर्ष इसे मत्स्याखेट के लिए ठेके पर दिया जाता है। इस वर्ष भी यह तालाब ठेके पर दिया हुआ है। बीते तीन दिन से यहां सैकड़ों की तादाद में मछलियां काल कवलित हो रही है। बावजूद भी न तो ग्राम पंचायत ध्यान दे रही है और न ही प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाया जा रहा है।
जलकुंभी और प्रदूषण की मार
लोधा तालाब पर लंबे समय से जलकुंभी और प्रदूषण की मार पड़ रही है। तालाब के पाŸव भाग में किनारे से सटी शहर की विभिन्न कॉलोनियों का गंदा पानी इसमें मिल रहा है। इसके अलावा समीप के कारखाने का भी प्रदूषित रसायनिक पानी इसमें मिलता रहा है। इसे लेकर समय-समय पर ग्रामवासियों की ओर से विरोध किया जाता रहा है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। वहीं तालाब में हर वर्ष बड़ी मात्रा में जलकुंभी पसर जाती है। करीब दो वर्ष पहले मिल की ओर से तालाब से जलकुंभी निकलवाई गई थी, लेकिन अब इसने दोबारा पैर पसार लिए हैं और पूरा तालाब जलकुंभी के कारण किसी हरे-भरे मैदान सा नजर आता है। मछलियों के मरने के संबंध में ग्राम विकास अधिकारी को कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
बड़ोदिया में भी मरी थी मछलियां
पिछले दिनों बड़ोदिया कस्बे के एक तालाब में भी हजारों मछलियों की मौत हो गई थी। मृत मछलियां तालाब के किनारे पर एकत्रित हो गई थी जिससे आने जाने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा था। जानकारी के अनुसार लोगों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तालाब में जहरीला पदार्थ डालने की बात कही थी।