
बांसवाड़ा. बड़ोदिया. प्रेम सागर तालाब में हजारों मछलियों मरने से तालाब सड़ाध मार रहा है। शुक्रवार दोपहर को हजारों की संख्या में मरी हुई मछलियां तालाब किनारे पड़ी नजर आई। इसकी जानकारी होने पर मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और घटना पर आक्रोश जताया। जलदाय विभाग ने जांच के लिए पानी के नूमने लिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक साथ इतनी संख्या में मछलियां मरने की घटना पहली बार हुई है।
इससे संक्रमण तथा बीमारियां फैलने का अंदेशा है। सूचना पर बड़ोदिया चौकी प्रभारी राजेन्द्र सिंह, हरेन्द्र सिंह, कुन्दन जोशी, परेश बुनकर, निशांत जोशी, दीपक टेलर के अलावा ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पंचायत समिति सदस्य चन्द्रकांत खोडणिया तथा विहिप के जिलामंत्री विकास भट्ट ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या पानी में किसी ने जानबूझ कर विषाक्त डाले जाने की आशंका है। पानी विषाक्त होने से ही इतनी संख्या में मछलियां मरी है।
मछुआरों पर शक
शुक्रवार को सुबह गमेरा तालाब पर कुछ मछुआरे जाल लेकर पहुंचे थे। जिसकी जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण महेश दोसी व अन्य युवा वहा पहुंचे थे और मछुआरों को मछली पकडऩे से रोका था। उन्होंने उसका जाल जब्त कर भगा दिया था। अब ग्रामीण यह भी आशंका लगा रहे है कि यहा शायद उन्ही मछुआरों ने विषाक्त पदार्थ डाला हो। शुक्रवार को इस घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची तो लोगों ने आक्रोश जताया। शुक्रवार रात गड्ढा खुदवाकर मरी मछलियों को दफनाया गया।
अधिकारी पहुंचे मौके पर
पंसस खोडणिया ने फोन कर घटना की सूचना जिला कलक्टर भगवती प्रसाद को दी। इसके बाद बागीदौरा तहसीलदार राकेश न्योल, गिरदावर महावीर सिंह, पटवारी सवजी मीणा, ग्राम विकास अधिकारी संजय पालेवर आदि मौके पर पहुंचे। साथ ही जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्मिक ने जांच के लिए पानी के नमूने लिए।
50 लाख हुए हैं मंजूर
हाल ही में बांसवाड़ा दौरे पर आई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तालाब के सौंदर्यकरण व नाले निर्माण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।