राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से तीन तलाक का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी आशिक इकबाल ने कुवैत से व्हाट्सएप के जरिए पत्नी को तीन तलाक का प्रथम नोटिस भेजा है। आरोपी पहले भी दो महिलाओं को तीन तलाक दे चुका है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ तीन तलाक का मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि पति ने कुवैत में रहते हुए व्हाट्सएप के जरिए तीन तलाक का प्रथम नोटिस भेजकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की कोशिश की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी पहले भी दो महिलाओं को तीन तलाक दे चुका है।
महिला थानाधिकारी उर्मिला के अनुसार पीड़िता ने शुक्रवार को लिखित शिकायत देकर बताया कि उसका पति पिछले करीब एक वर्ष से कुवैत में रहकर काम कर रहा है। 17 मई को उसने कुवैत से ही व्हाट्सएप पर तीन तलाक का प्रथम नोटिस भेजा, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हुई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
महिला ने सास और ननद के इशारे पर उसके साथ मारपीट के आरोप लगाए। महिला ने बताया कि पूर्व में उसका पति उसके साथ झगड़ा कर चुका है, लेकिन बाद में समझौता कर उसे अलग से किराए के मकान में रख दिया था। वह वर्तमान में अपने दो बेटों के साथ किराए पर रह रही है। उसका एक बेटा 15 साल का और दूसरा बेटा 9 साल का है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने महिला के पति से फोन पर काउसलिंग की है और उसे बांसवाड़ा बुलाया है।
महिला का कहना है कि जब भी उसका पति कुवैत से भारत आता था, शुरुआत में उसका व्यवहार सामान्य रहता था, लेकिन कुछ समय बाद वह छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगता था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था तथा कई बार मारपीट भी करता था। लगातार प्रताड़ना के कारण उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने बताया कि गोरख इमली निवासी आरोपी आशिक इकबाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बांसवाड़ा बुलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चूंकि आरोपी फिलहाल कुवैत में रह रहा है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे जांच में शामिल होने के लिए सूचित किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।