बांसवाड़ा

बांसवाड़ा : आठ साल की मासूम बच्ची को कुएं में धकेलकर की हत्या, महिला को उम्रकैद की सजा

Banswara Crime News : चोरी की पोल खोलने पर जलालत के चलते की थी हत्या, एडीजे कोर्ट ने सुनाए फैसले में जुर्माना भी किया

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बांसवाड़ा : आठ साल की मासूम बच्ची को कुएं में धकेलकर की हत्या, महिला को उम्रकैद की सजा

बांसवाड़ा. आंबापुरा क्षेत्र में सालभर पहले चोरी की पोल खोलने से हुई जलालत पर रंजिश पालकर आठ साल की बच्ची की हत्या करने के मामले में अपर सेशन न्यायालय ने आरोपी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 8 मई,2019 को हिम्मतपुरी गांव में आठ वर्षीया माया पुत्री नानूराम का शव कुएं से बरामद हुआ। तब बच्ची की दादी थावरी (55) पत्नी पूंजा बारिया ने पुलिस को रिपोर्ट में बताया कि माया को उसके जेठ रकमा की बहू गुड्डी लकडिय़ां बीनने साथ ले गई थी। कुछ देर बाद गुड्डी अकेली लौटी, तो उसने माया के बारे में पूछा। गुड्डी यह कहकर टल गई कि माया उसे कुएं की तरफ जाने का कहकर साथ छोडकऱ लौट गई। उसके बाद जब थावरी व ग्रामीणों ने कुएं में देखा, तो बच्ची का शव मिला। प्रकरण में पुलिस ने जांच की, तो हत्या का मकसद भी सामने आ गया। तब वारदात के बाद से घर से लापता गुड्डी को तलाश कर गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में गुड्डी ने वारदात कबूल कर बताया कि दो दिन पूर्व घर में राशन का सामान खत्म हो गया, तो वह देवर वरसेंग के घर में चोरी की नियत से घुसी। बागड़ तोडकऱ घुसते समय हुई आवाज से उसकी सास जाग गई, तो उसे भागना पड़ा। हड़बड़ाहट में उसकी चप्पलें छूट गई। फिर गांव के लोग एकत्र हुए, तो चप्पलें चोर की होने का शक हुआ। भीड़ से चप्पलें किसकी है, सवाल उठा, तो वहां खड़ी माया ने पहचान कर कह दिया कि ये गुड्डी भाभी की हैं। इसके चलते पूरे गांव के सामने गुड्डी को जलालत सहनी पड़ी। इससे खफा होकर कुछ दिखाने के बहाने बच्ची को ले जाकर कुएं में धक्का दे दे दिया। प्रकरण में दस गवाह और प्रदर्श पेश किए गए। सुनवाई के बाद एडीजे कुलदीप सूत्रधार ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गुड्डी को भादसं की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास और दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण में सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शाहिद खान पठान ने की।

Published on:
04 Sept 2020 02:47 pm
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