
बाराबंकी. बाराबंकी में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के खिलाफ उतारे गए फौजी प्रत्याशी तेज प्रताप यादव के नामांकन रद्द होने पर बड़ा बयान दिया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जब वे लोग राष्ट्रवाद के नाम पर वोट मांग रहे हैं, तो उन्हें एक सैनिक का सामना करना चाहिए था। अब वाराणसी की जनता इसका बदला लेगी।
कोई क़ानून अपदस्थ जवान को चुनाव लड़ने से नहीं रोकता है- अखिलेश
अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए भी भाजपा पर निशाना साधा और सवाल किया कि प्रधान जी सच्चा राज धर्म निभाने वाले सच्चे चौकीदार से हार की आशंका से डर गये हैं क्या? कोई क़ानून अपदस्थ जवान को चुनाव लड़ने से नहीं रोकता है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में बुद्धिजीवी से लेकर श्रमजीवी तक लोकतंत्र की हत्या का ये षडयंत्र देख रहे हैं और इन ताक़तों के पतन के लिए वोट कर रहे हैं।
इसलिए फैजी को निकाला नौकरी से-
अखिलेश यादव ने आगे कह कि सरकार डरी हुई है। वाराणसी की जनता इसका जवाब देगी और आवाज वोट के रूप में सुनाई देगी। फौजी को नौकरी से निकाले जाने के मामले में भी अखिलेश यादव ने कहा इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। जिसने खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाया था उसे सरकार ने नौकरी से निकलवा दिया। इससे पहले मंगलवार को बांदा में भी सपा अध्यक्ष ने इसको लेकर भाजपा पर हमला किया था और कहा था कि वाराणसी से एक फौजी को टिकट देकर हमने भाजपा के आतंकवाद के मुद्दे की हवा निकाल दी है।
यह था मामला-
आपको बता दें कि तेजबहादुर यादव के नामांकन पर खतरे के बादल मंगलवार से मडरा रहे थे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद तेज बहादुर यादव द्वारा दाखिल किए गए दो नामांकन पत्रों में बीएसएफ से उनकी बर्खास्तगी की दो अलग-अलग जानकारी दी गई थी। जिसके बाद उन्हें 24 घंटे के अंदर बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लाने के लिए कहा था। बुधवार को वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर सुरेंद्र सिंह इससे संतुष्ट नहीं हुए और तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द कर दिया गया।