बाराबंकी

Mukhtar Ansari Ambulance Case में ईनामिया आनंद यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लंबे समय से था फरार

Mukhtar Ansari Ambulance Case: आनंद यादव पर डा. अल्का राय पर दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाने का भी आरोप है। गिरफ्त में आने के बाद पुलिस पूछताछ में खुद आनंद यादव ने अपना जुर्म कबूल किया है।

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मुख्तार अंसारी एंबुलेंस मामले में ईनामिया आनंद यादव को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लंबे समय से था फरार

बाराबंकी. Mukhtar Ansari Ambulance Case: मुख्तार अंसारी एंबुलेंस मामले में बाराबंकी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस केस में लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार के ईनामी आनंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आनंद यादव पर इसी केस में आरोपी मुजाहिद और शाहिद के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। आनंद यादव पर डा. अल्का राय पर दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाने का भी आरोप है। गिरफ्त में आने के बाद पुलिस पूछताछ में खुद आनंद यादव ने अपना जुर्म कबूल किया है। आनंद यादव ने इस साजिश में और भी कई लोगों के शामिल होने की बात कबूली है। आनंद यादव ने सभी के नाम भी पुलिस को बनाए हैं और अब पुलिस इन सभी को भी अभियुक्त बनाने की तैयारी में है। पुलिस ने गिरफ्तार आनंद यादव को जेल भेज दिया है। इसके अलावा इस मामले में पुलिस को अभी भी ईनामिया शाहिद और मुजाहिद की भी तलाश है। आपको बता दें कि मुख्तार के गुर्गे राजनाथ यादव, डा. अलका और शेष नाथ राय को पुलिस पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि आनंद यादल को गिरफ्तार किया गया है। उसने इस मामले में और भी कई लोगों के शामिल होने का खुलासा किया है। फरार मुजाहिद और शाहिद के साथ जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

ये था पूरा मामला

आपको बता दें कि यह मामला उस समय है, जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। मुख्तार को एम्बुलेंस से मोहाली की कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था। उस समय इस एंबुलेंस के प्रयोग का खुलासा हुआ था। एम्बुलेंस पर यूपी के बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आये वह चौंकाने वाले थे। दरअसल फर्जी दस्तावेज के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में मुख्तार के गुर्गों ने 2013 में यह एंबुलेंस रजिस्टर्ड कराई थी। यह एंबुलेंस मुख्तार अपने निजी प्रयोग में ला रहा था।UP 41 AT 7171 रजिस्टर्ड नंबर की यह एंबुलेंस मुख्तार अंसारी शुरू से प्रयोग कर रहा था। इसी मामले में एक अप्रैल को कोतवाली नगर में मऊ की संजीवनी हास्पिटल संचालिका डा. अलका राय के खिलाफ मुकदमा कराया। इसकी विवेचना में पुलिस ने मुख्तार अंसारी को भी इस मामले में साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया है। साथ ही अलका राय के सहयोगी डा. शेषनाथ राय, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सुहैब मुजाहिद, शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव को नामजद किया था।

Updated on:
16 Jun 2021 03:49 pm
Published on:
16 Jun 2021 01:42 pm
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