जमीन की खुदाई में खज़ाना निकलने के किस्से तो बहुत से सुने होंगे आपने, मगर ज़मीन की खुदाई से प्राचीन हथियार निकलने लगे यह शायद ही आपने देखा या सुना हो।
बाराबंकी. जमीन की खुदाई में खज़ाना निकलने के किस्से तो बहुत से सुने होंगे आपने, मगर ज़मीन की खुदाई से प्राचीन हथियार निकलने लगे यह शायद ही आपने देखा या सुना हो। खेतों में खुदाई के दौरान हथियार निकलने की घटना सामने आयी है बाराबंकी जनपद से। यहाँ एक किसान अपने खेत को समतल कराने के लिए खुदाई करवा रहा था तभी ज़मीन में दबे हुए प्राचीन हथियार निकलने लगे जिसे देखकर किसान परेशान हो गया और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने हथियारों को कब्जे में लेकर अपनी जाँच शुरू कर दी है और अधिक गहन जाँच के लिए पुरातत्व विभाग को बुलाया गया है। ज़मीन से हथियार निकलने की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गयी है और लोगों का मानना है कि यह हथियार अंग्रेजों के जमाने के हैं।
बाराबंकी के सतरिख थाना इलाके शेखपुर गाँव में रहने वाले अरुण यादव कल अपने उबड़-खाबड़ खेत का समतलीकरण कराने के लिए जेसीबी की मदद से खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के समय अपने खेत में बने एक बड़े टीले की उन्होंने जैसे ही खुदाई शुरू करवाई तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गयी। क्योंकि खेत से मिट्टी के साथ जंग लगे पुराने हथियार भी निकलने लगे। इस खुदाई में जब एक साथ कई हथियार निकले तो खेत मालिक ने इनकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने ज़मीन से निकले हथियार को अपने कब्जे में ले लिया है और अपनी जाँच शुरू कर दी है। बारीकी जाँच के लिए पुरातत्व विभाग को भी बुलायागया है।
प्राचीन हैं हथियार-
इस गाँव के निवासी हर्षित पटेल ने बताया कि कल यहाँ जेसीबी से खेत का समतलीकरण चल रहा था। उसी दौरान ज़मीन से जंग लगे पुराने हथियार निकलने लगे। हथियार जो निकले उसमें 5 जंग लगी बन्दूकें और 3 जंग लगी तलवार निकलीं। हथियार निकलने पर खेत मालिक ने गाँव वालों के साथ स्थानीय पुलिस को दी और पुलिस नें मौके पर पहुँच कर ज़मीन से निकले हथियारों को कब्जे में ले लिया। हर्षित बताते हैं कि जो हथियार निकले वह काफी प्राचीन है और उनका वजन भी काफी ज्यादा है।
अधिक खुदवाई में निकल सकते हैं और हथियार-
गाँव के ही रहने वाले बुजुर्ग सुरेश ने बताया कि अंग्रेजों ने जब वाजिद अली शाह से जंग की तो उनके साथी मजाहिब अली ने यहाँ पर युद्ध किया था। यह सब हथियार उसी समय के मालूम होते हैं और सब अब में एक इतिहास को संजोए हुए हैं। सुरेश की बातों और दावों पर अगर गम्भीरता से विचार किया जाए तो अगर यहां की और खुदवाई करवाई जाए तो और भी ऐतिहासिक तथ्य सामने आ सकते हैं।
श्रेत्राधिकारी ने दिया बयान-
बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी राजेश यादव ने बताया कि शेखपुर गाँव में अरुण यादव की ज़मीन है जिसकी देखभाल उनके एक रिश्तेदार सालिकराम यादव द्वारा की जाती है। कल अरुण यादव की सहमति पर सालिकराम खेत का समतलीकरण करवा रहे थे। तभी जेसीबी से निकली मिट्टी से बन्दूकनुमा और तलवारनुमा जंग लगे पुराने हथियार निकले जो काफी पुराने हैं और इसकी सूचना बाराबंकी के जिलाधिकारी को दी गयी। इसकी गहन जांच के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग को भी आमंत्रित किया गया है।