
एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव, लखनऊ-अयोध्या हाईवे सील-20 किमी लंबा जाम (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
LPG Tanker Leak Triggers Panic on Lucknow-Ayodhya Highway: लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सफेदाबाद के पास एलपीजी (घरेलू गैस) से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया और एहतियातन प्रशासन ने हाईवे को दोनों ओर से पूरी तरह सील कर दिया। परिणामस्वरूप करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे हजारों वाहन फंस गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह घटना बाराबंकी जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र में स्थित वेदम वर्ल्ड स्कूल के पास शाम लगभग 5:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, इंडियन ऑयल कंपनी का एक टैंकर लखनऊ से अयोध्या की ओर जा रहा था, जिसमें लगभग 17 टन एलपीजी गैस भरी हुई थी। अचानक टैंकर के एक वाल्व से तेजी से गैस का रिसाव शुरू हो गया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने वाहन को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया, लेकिन घबराहट के कारण वह मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सबसे पहले सुरक्षा के दृष्टिकोण से अयोध्या की ओर जाने वाली लेन को बंद किया गया, लेकिन जब गैस रिसाव की मात्रा बढ़ने लगी तो दूसरी लेन को भी पूरी तरह सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी, ताकि किसी प्रकार की चिंगारी से बड़ा हादसा न हो सके।
हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया जा रहा है कि जाम का असर लखनऊ तक पहुंच गया, जिससे यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। कई लोग अपने वाहनों से उतरकर पैदल ही सुरक्षित स्थान की ओर जाते नजर आए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मौके पर दमकल विभाग, गैस कंपनी के विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। गैस रिसाव को रोकने के लिए विशेष तकनीकी टीम को बुलाया गया, जो टैंकर के वाल्व को बंद करने का प्रयास कर रही थी। हालांकि, देर रात तक भी रिसाव पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाया था, जिससे स्थिति को लेकर चिंता बनी रही।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी डर का माहौल देखा गया। आसपास के घरों और दुकानों को खाली करा लिया गया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है और इसके रिसाव से आग या विस्फोट का खतरा बना रहता है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। यही वजह है कि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम उठाते हुए हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया।
घटना के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि स्थानीय व्यापार और आम जनजीवन पर भी असर पड़ा। कई एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंसे रहे, जिन्हें बाद में वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। पुलिस ने ट्रैफिक को डाइवर्ट करने के लिए अन्य मार्गों का सहारा लिया, लेकिन भारी संख्या में वाहनों के चलते स्थिति को सामान्य होने में समय लगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही, यह भी कहा गया है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोग उस क्षेत्र से दूर रहें।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि खतरनाक पदार्थों के परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना कितना जरूरी है। थोड़ी सी चूक भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन और विशेषज्ञ टीम की कोशिश है कि जल्द से जल्द गैस रिसाव पर पूरी तरह काबू पाया जाए और यातायात व्यवस्था को सामान्य किया जा सके। स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही हालात नियंत्रण में आ जाएंगे। तब तक लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।
Updated on:
02 Apr 2026 09:27 am
Published on:
02 Apr 2026 09:26 am
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