जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बाराबंकी के बहुचर्चित मिड-डे मील की रिपोर्ट साल 2018 में दर्ज करवाई थी। इस मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है।
बाराबंकी बहुचर्चित मिड-डे मील मामले में Additional Sessions Judge अनिल कुमार शुक्ला ने 7 लोगों को दोषी पाया है। कोर्ट ने इस मामले में 7 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, हर व्यक्ति पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, एक आरोपी पर कोर्ट ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
6.50 करोड़ रुपए का हुआ था घोटाला
दरअसल, MDM District Coordinator राजीव शर्मा ने बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों और सहयोगियों के साथ मिलकर करीब 6.50 करोड़ रुपए का घोटाला किया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह ने इस मामले को जांच के दौरान पकड़ा। जांच में सबूत मिलने पर DC MDM राजीव शर्मा और इनके सहयोगी रहीमुद्दीन, असगर मेंहदी, विभागीय कर्मचारी अखिलेश शुक्ला, रघुराज सिंह उर्फ किशन के साथ दो महिला रोज सिद्दीकी और साधना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह ने इस मामले की रिपोर्ट 29 दिसंबर 2018 को थाना कोतवाली नगर में दर्ज करवाया था। जिसके तहत मामले में सभी आरोपी को दोषी माना गया है।