
बाराबंकी. बाबा रामदेव द्वारा स्वस्थता की गारंटी वाला आटा नूडल्स घर-घर के किचन में कब्जा कर चुुका है। लोकप्रिय पतंजली ब्रांड के अंतर्गत बन रहे इस आटा नूडल्स ने मार्केट में अच्छी पहचान बना ली है। बच्चों से लेकर बूढ़े तक इस टेस्टी नूडल्स का लुफ्त उठा रहे हैं, लेकिन यहां अब उन सभी को और आपको सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि पतंजलि आटा नूडल्स लैब टेस्ट में फेल हो गया है।
12 सितंबर को बाराबंकी में एक जेनेरल स्टोर से पतंजली नूडल्स का सैंपल लिया गया था जिसे खाद्य विभाग ने लैब टेस्ट के बाद फेल करार दिया है। सैंपल में दोगने से अधिक मात्रा में (0.56 की जगह 2.16 ) ऐश कॉन्टेंट (टेस्टमैकर) मिला है। नियमों के मुताबिक, ऐश कॉन्टेंट की मात्रा महज 1 प्रतिशत से भी कम होनी चाहिए, लेकिन लैब में हुए टेस्ट में ये सैंपल फेल हो गए और उन्हें खाने के लिए खराब बताया गया है। इसके चलते कंपनी पर 25 हज़ार रुपए और विक्रेता पर 8 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पहले भी सैंपल हुए फेल-
ये पहली बार नहीं है जब पतंजली की नूडलस के सैंपल फेल हुए हों। इससे पहले भी कई दफा इनके सैंपल मादक अनुसार नहीं पाए गए और खाद्य विभाग ने इसे नकारा। यूूपी के मेरठ में इसी वर्ष इनके नमूनों में एसिड वैल्यू निर्धारित मात्रा 0.5 के विपरीत 0.6 पाई गई, जबकि बीआर रीडिंग भी 44 फीसदी निर्धारित मात्रा की जगह 49 फीसदी पाई गई है। जो की सेहत के लिए काफी नुक्सानदेह है।
दो मिनट नूडल्स खाने से होते हैं कई नुकसान-
पतंजली नूडल्स में ऐश कंटेंट बढ़ा होना खतरे का संकेत है। ऐश जिसे टेस्टमेकर भी कहते हैं, दरअसल नूडल्स में जायके को बढ़ाने का काम करता है। लेकिन ये ऐसे पदार्थों का मिश्रण होता है, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं। इससे आपका हाजमा तो बिगड़ता ही है। साथ ही कई अन्य बीमारियों को भी इजात करता है। डॉक्टर्स खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को नूडल्स से परहेज करने की सलाह देते हैं।
मैगी के जाने के बाद आई पतंजली की मार्केट-
वर्षों से घर-घर में टू-मिनट नूडल्स के नाम से मशहूर मैगी फास्ट फूड में सबकी पहली पसंद है। क्योंकि इसमें ज्यादा तीमझाम नहीं होता। और झट से तैयार हो जाती है। लेकिन कुछ ही वर्ष पहले एक सैंपल टेस्ट में फेल होने के बाद जैसी इस कंपनी की नैया डूब सी गई। लोग सड़क पर उतर आए और कंपनी बंद करवाने पर उतारू हो गए। उस समय बाबा रामदेव की पतंजली ने मौका देख अपनी नूडल्स की लॉन्च किया जिसने देखते ही देखते मैगी की जगह ले ली। लोग प्रसाद की तरह पतंजली के अन्य प्रोडक्ट की तरह इसे खरीदने लगे। लेकिन जल्द ही मैगी पर लगे दाग धुल गए। और मैगी वापस मार्केट में आ गई। लेकिन तब तक पतंजली नूडल्स अपनी मार्केट फैला चुकी थी।