
अजय राय गिरफ्तार। फोटो सोर्स-इंस्टाग्राम (inc_uttarpradesh)
Ajay Rai Arrest: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद शनिवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। पीड़ित परिवार से मुलाकात करने गोंडा जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय रायको बाराबंकी के शहावपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक कर गिरफ्तार कर लिया।। इस दौरान अजय राय और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
आईएनसी उत्तर प्रदेश (inc_uttarpradesh)के इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, '' बाराबंकी टोल प्लाजा के पास उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय जी को पुलिस द्वारा अलोकतांत्रिक ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया है। श्री अजय राय जी कर्नलगंज (जनपद-गोंडा) के बर्तन कारोबारी स्व. विनोद साहनी जी की निर्मम हत्या के बाद उनके शोकाकुल परिवारजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त करने और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाने जा रहे थे। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है, लेकिन पीड़ितों के आंसू पोंछने और उनके हक में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। विपक्ष के नेताओं को जनता की आवाज उठाने से रोकना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस पार्टी सरकार की इस तानाशाही के आगे झुकने वाली नहीं है। स्व. विनोद साहनी जी के परिवार को न्याय दिलाने और प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।''
अजय राय अपने समर्थकों और कांग्रेस नेताओं के साथ गोंडा की ओर जा रहे थे। मसौली क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। यहां कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस हुई। इसके बाद पुलिस अजय राय को अपने साथ मसौली थाने ले गई। उनके साथ पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह, आसिम वकार, नरेंद्र सिंह समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें भी गोंडा जाने से रोक दिया।
बताया जा रहा है कि अजय राय के गोंडा दौरे को देखते हुए पुलिस ने गोंडा जाने वाले मार्ग पर कई जगह बैरिकेडिंग की थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पार्टी के कई स्थानीय नेताओं को उनके घरों में नजरबंद भी किया गया। कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
बता दें कि विनोद साहनी पर सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े विवाद के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया था। गंभीर हालत में उनका इलाज लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था, जहां गुरुवार शाम उनकी मौत हो गई। विनोद साहनी की मौत के बाद मामले को लेकर राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता बढ़ गई। समाजवादी पार्टी, आजाद समाज पार्टी, बिहार के मुकेश सहनी की पार्टी और निषाद पार्टी की ओर से भी मामले को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद पीड़ित परिवार के समर्थन में धरने पर बैठ सकते हैं, तो कांग्रेस नेताओं को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी विनोद साहनी के परिवार को न्याय दिलाने और प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
बता दें कि इससे पहले विनोद साहनी की मौत की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टरों से विनोद साहनी के इलाज के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। मामले में आरोपियों पर कार्रवाई और पुलिस के रवैये से नाराज मंत्री अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उनका धरना देर रात तक जारी रहा। संजय निषाद ने मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
विनोद साहनी पर हमले के मामले में पुलिस ने घटना के दूसरे दिन 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शुभम, सुभाष और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। मामले में पुलिस अधीक्षक ने भी कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
12 Sept 2026 02:28 pm
Published on:
12 Sept 2026 02:28 pm
