स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए चौकी इंचार्ज रतन सिंह को पूरी तरह जिम्मेदार बताया है।
बाराबंकी. अहमदपुर गांव में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन करके वापस जा रहे दो पक्षों में जमकर बवाल हो गया था। जिसके बाद कुछ लोगों ने देवकली चौराहे पर कई दुकानों में आग लगा दी थी। स्थानीय लोगों ने इलाके में शुरू हुए बवाल की सूचना इलाकाई पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से हालात पर काबू पाया और फायर ब्रिगेड दुकानों में लगी आग को घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद बुझा पाई। लेकिन जब इस घटना के पीछे की वजह तलाशी गई तो स्थानीय लोगों से एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस पूरे बवाल व उपद्रव की वजह स्थानीय चौकी इंचार्ज रतन सिंह की नासमझी और लापरवाही थी। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए चौकी इंचार्ज रतन सिंह को पूरी तरह जिम्मेदार बताया है। जिसके बाद बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक ने घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में अहमदपुर चौकी इंचार्ज रतन सिंह को ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चौकी इंचार्ज की लापहवाही से हुआ बवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हमेशा से ही मूर्ति विसर्जन के बाद ट्रालियां अंदर बाजार से न होकर दूसरे रास्ते से निकलती थीं। लेकिन इस बार लिखित रास्ता तय होने के बाद भी मूर्ति विसर्जन के बाद खाली ट्रालियां बाजार के अंदर से होकर निकलीं। जिन्हें चौकी प्रभारी द्वारा रोकने का का कोई प्रयास नहीं किया गया और उसी वजह से यह बवाल और उपद्रव बढ़ गया। हालांकि अब अहमद पुर क्षेत्र के देवकली बाजार सहित पूरे इलाके में स्थिति नियंत्रण में है। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। दुकानें, स्कूल , मदरसे व बाजार घटना को लेकर बन्द हैं। वहीं घटना से आसपास के कई गांवों में तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और पीएसी भी तैनात है।