बारां

गरीब की जोरू सबकी भाभी …कैसे हो जाती है ? नहीं जानते तो पढिय़े इसे

इस गरीब से तब मालामाल हो जाने का कहा जा रहा है जब सारे पांडवों ने मिलकर द्रोपदी को जुएं के दांव पर लगा दिया है
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Updated: 11 Dec 2017, 4:45 PM IST
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गरीब की जोरू सबकी भाभी यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। अब इस गरीब से तब मालामाल हो जाने का कहा जा रहा है जब सारे पांडवों ने मिलकर द्रोपदी को जुएं के दांव पर लगा दिया। है ना गजब की बात रोडवेज का बारां डिपो भी गरीब की जोरू हो रहा है। इस डिपो के हालात गरीब क्या हुए सबने मिलकर इसे खाने का जरिया बना लिया है। यह डिपो पहले से घाटे में है इस पर इसी डिपो पर रोडवेज के अधिकारियों ने लोक प्रशासन की बसों को चलाने की अनुमति दे रखी है। पर्याप्त बसों के होते लोक प्रशासन बसें जो पूरी तरह प्राइवेट होती है को चलाने की अनुमति देने का मंतव्य तो आप जानते ही है। इतना ही नहीं यह बसें कोटा से बारां के बीच किराया लेती हैं मात्र 50 रूपए यानी रोडवेज से कम और रोडवेज लेती है 80 रूपए। है ना मजेदार फिर रोडवेज को कहते हैं लाभ में लाना है। तो साहब यह गरीब की जोरू लाभ में कैसे आएगी जब सारे पांडव मिलकर द्रोपदी को जुए के दांव में लगा रहे हों।

बसें कमाई नहीं कर पा रही
बारां. कोटा मार्ग पर दिनभर कई फेरे लगाने के बावजूद रोडवेज बसें कमाई नहीं कर पा रही। बारां से कोटा तक रोडवेज बसों का यात्री भार घटते-घटते मात्र 55 प्रतिशत रह गया है। अब बारां से कोटा व कोटा से बारां का रोडवेज बसों का किराया जल्द ही पुरुषों का 60 व महिलाओं का 45 रुपए प्रति यात्री हो सकता है। इसको लेकर जयपुर महाप्रबंधक (यातायात) ने रोडवेज डिपो से रिपोर्ट भी मांगी है, जिसे डिपो के मुख्य प्रबंधक ने भेज दिया है।

92 बसों का संचालन

बारां डिपो के अधीन 92 बसों का संचालन होता है। इसमें बारां, बूंदी, कोटा व टोंक डिपो की बसें 69 फेरे बारां से कोटा लगाती हैं। एक्सप्रेस रोडवेज बसें पुरूष यात्री से 80 व महिलाओं से 60 रुपए प्रति यात्री के हिसाब से लेती हैं। लोकल रोडवेज बस 75 पुरूष व महिला से 55 रुपए किराया वसूलती है लेकिन उक्त रूट पर लोक परिवहन, निजी बसों व अवैध वाहनों का संचालन काफी ज्यादा है, जो यात्रियों को मात्र 50 रुपए में लेकर जाती हैं। ऐसे में रोडवेज में ज्यादातर यात्री बैठना पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में बारां से कोटा तक रोडवेज बसों का यात्री भार घटते-घटते मात्र 55 प्रतिशत रह गया है, जबकि अन्य रूट पर यात्री भार 65 प्रतिशत हैं। इससे रोडवेज को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है। किराया घटाने को लेकर बारां डिपो के मुख्य प्रबंधक ने करीब एक माह पहले प्रस्ताव बनाकर भेजा था। उक्त प्रस्ताव जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है।

8 रुपए प्रति किमी. बढ़ेगा राजस्व
रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में बारां-कोटा रूट पर 22 रुपए प्रति किलोमीटर राजस्व आ रहा है। यदि मुख्यालय किराया कम कर देता है तो 30 रुपए प्रतिकिलो राजस्व आने की संभावना है।
& कोटा का किराया घटाने को लेकर मुख्यालय प्रस्ताव बनाकर भेजा है। किराया कम होने से यात्री भार के साथ-साथ राजस्व की भी बढ़ोतरी होगी।
पवन कटारा, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज डिपो, बारां

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