
बारां में साल 2021 के पंचायतीराज चुनाव (पत्रिका फाइल फोटो)
Baran Panchayati Raj Election: पंचायतीराज चुनाव में वर्ष 2021 के दौरान बारां जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। आठ पंचायत समितियों में से भाजपा और कांग्रेस ने चार-चार में बोर्ड बनाकर बराबरी की थी, लेकिन जिला परिषद के चुनाव में पूरा गणित बदल गया। भाजपा को 25 में से 13 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस 12 सीटों पर सिमट गई। इसके बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने बाजी पलट दी और कांग्रेस की उर्मिला जैन भाया जिला प्रमुख निर्वाचित हो गईं।
इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि जिला प्रमुख के चुनाव में भाजपा बहुमत के बावजूद सत्ता हासिल नहीं कर सकी, जबकि अगले ही दिन उप जिला प्रमुख के चुनाव में भाजपा के छीतरलाल निर्वाचित हो गए। जिला प्रमुख के चुनाव में क्रॉस वोटिंग किसने की, इसका रहस्य आज तक नहीं खुल पाया। अब छह साल बाद पंचायतीराज चुनाव की बिसात फिर बिछने जा रही है। ऐसे में वर्ष 2021 का वह सियासी घटनाक्रम एक बार फिर चर्चा में है।
वर्ष 2021 के जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस को 48.52 प्रतिशत और भाजपा को 47.65 प्रतिशत मत मिले थे। यानी मत प्रतिशत में कांग्रेस आगे रही, लेकिन सीटों के मामले में भाजपा ने बाजी मारी। भाजपा ने 25 में से 13 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 12 वार्डों में सफलता मिली। जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला के लिए निर्धारित था। ऐसे में भाजपा के खेमे में हुई क्रॉस वोटिंग ने कांग्रेस की उर्मिला जैन भाया के जिला प्रमुख बनने का रास्ता साफ कर दिया।
जिला प्रमुख के चुनाव में अप्रत्याशित हार के बाद भाजपा में हलचल मच गई थी। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा और बारां का यह घटनाक्रम प्रदेशभर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा के पास संख्या बल होने के बावजूद जिला प्रमुख का पद हाथ से निकलना पार्टी के लिए बड़ा झटका था।
हालांकि, अगले दिन उप जिला प्रमुख के चुनाव में तस्वीर बदल गई। इस बार क्रॉस वोटिंग नहीं हुई और भाजपा के छीतरलाल उप जिला प्रमुख निर्वाचित हो गए। एक ही जिले में दो दिन के भीतर आए इन नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया था। ऐसा ही घटनाक्रम पिछले दिनों निकाय चुनाव में छबड़ा नगर पालिका में भी देखने को मिला, जहां अध्यक्ष भाजपा का और उपाध्यक्ष कांग्रेस का बना।
पिछले चुनाव में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला के लिए निर्धारित होने से बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ी थीं। जिला परिषद के 25 निर्वाचित सदस्यों में 11 पुरुष और 14 महिलाएं थीं। इनमें भाजपा की छह और कांग्रेस की आठ महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। जिला परिषद के वार्ड 24 से चुनाव लड़ने वाली उर्मिला जैन भाया जिला प्रमुख बनी थीं।
पंचायत समिति चुनावों में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मत प्रतिशत को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा रही थी। बारां, अंता, छीपाबड़ौद और छबड़ा में भाजपा का मत प्रतिशत कांग्रेस से अधिक रहा, जबकि मांगरोल, अटरू, किशनगंज और शाहाबाद में कांग्रेस आगे रही। शाहाबाद में कांग्रेस ने 56.37 प्रतिशत मत हासिल किए, जो आठों पंचायत समितियों में दोनों प्रमुख दलों के बीच दर्ज सर्वाधिक मत प्रतिशत था। वहीं, छीपाबड़ौद में भाजपा को 42.64 प्रतिशत मत मिले, जबकि कांग्रेस को 37.83 प्रतिशत मतों से संतोष करना पड़ा।
Updated on:
17 Oct 2026 12:39 pm
Published on:
17 Oct 2026 12:39 pm
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