
अनामिका पूनिया, हर्षिनी कुलहरी और दीक्षा अहलावत
झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के टिकट वितरण ने महिला प्रतिनिधित्व के साथ राजनीतिक परिवारों की भूमिका को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के चलते टिकटों के चयन की संभावित दावेदारों के सियासी गणित से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की सूची में पूर्व सांसदों और विधायकों के परिवारों की महिलाओं के साथ संगठन के पदाधिकारियों की पत्नी और बेटियों को भी टिकट मिला है। ऐसे में प्रत्याशियों के चयन को केवल महिला आरक्षण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे जिला प्रमुख पद की संभावित दावेदारी और पार्टी के भीतर राजनीतिक संतुलन के संकेत भी तलाशे जा रहे हैं। हालांकि, टिकट मिलने मात्र से किसी उम्मीदवार की जिला प्रमुख पद पर दावेदारी तय नहीं मानी जा सकती।
भाजपा ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार के परिवार को टिकट वितरण में तवज्जो दी है। उनकी पुत्रवधू और निवर्तमान जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरी को वार्ड पांच से, जबकि दूसरी पुत्रवधू अनामिका पूनिया को वार्ड छह से प्रत्याशी बनाया गया है।
हर्षिनी कुलहरी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा की जिलाध्यक्ष हैं। ऐसे में उनके चुनाव मैदान में उतरने को राजनीतिक अनुभव और जिला प्रमुख पद की संभावित दावेदारी के लिहाज से भी देखा जा रहा है। एक ही परिवार की दो महिलाओं को अलग-अलग वार्डों से टिकट मिलने से पार्टी के चयन को लेकर चर्चा तेज हुई है।
पूर्व युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष और किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सतीश गजराज की पत्नी मीनू गजराज को वार्ड 29 से प्रत्याशी बनाया गया है। वार्ड तीन से पार्षद राजेश बावल की पत्नी पूजा बावल को टिकट मिला है। भाजपा की केंद्रीय समिति के सदस्य विश्वम्भर पूनिया की बेटी नेहा को 39 नंबर से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं, सूरजगढ़ के पूर्व विधायक सुभाष पूनिया के भाई की पत्नी व पूर्व प्रधान सविता पूनिया को वार्ड 35 से उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व उप जिला प्रमुख बनवारीलाल सैनी को वार्ड 41 से टिकट दिया गया है। पार्टी में पांच बार जिला महामंत्री रहे सरजीत चौधरी की पत्नी पूर्व जिला परिषद सदस्य सुमित्रा को वार्ड नंबर 40 से टिकट दिया गया है। निवर्तमान जिला परिषद सदस्य अजय भालोठिया की पत्नी निकिता को वार्ड नंबर 20 से टिकट दिया गया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने राजनीतिक अनुभव और संगठन से जुड़े परिवारों को भी प्रतिनिधित्व दिया है।
पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधू और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत को वार्ड 18 से प्रत्याशी बनाया गया है। उनके नाम की घोषणा के बाद टिकट वितरण में राजनीतिक रिश्तों की भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ी है। दीक्षा का जुड़ाव दो राजनीतिक परिवारों से होने के कारण उनकी उम्मीदवारी को स्थानीय सियासी समीकरणों के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस में युवा कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रहे सुधींद्र मूंड की पत्नी रंजना कुमारी धींवा को जिला परिषद के 20 नंबर से, युवा कांग्रेस का चुनाव लड़ने वाले दिनेश कुमार को 19 नंबर, चिड़ावा के पूर्व प्रधान की पुत्रवधू विनीता रणवां को 39, भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुईं झुंझुनूं पंचायत समिति की पूर्व प्रधान सुशीला सीगड़ा को छह नंबर, कांग्रेस के निवर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष खलील बुढ़ाना को 41 नंबर से टिकट दिया गया है।
जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण भाजपा के टिकट वितरण में महिला उम्मीदवारों के चयन को खास महत्व मिल रहा है। राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं को टिकट मिलने के बाद यह चर्चा भी है कि चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशियों में से कौन जिला प्रमुख पद की दावेदार बन सकती है। हालांकि, जिला प्रमुख का चयन चुनाव परिणाम और पार्टी के भीतर बनने वाले समीकरणों पर निर्भर करेगा। फिलहाल टिकट वितरण ने जिला परिषद चुनाव के साथ-साथ जिला प्रमुख पद को लेकर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
Updated on:
17 Oct 2026 11:23 am
Published on:
17 Oct 2026 11:22 am
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