बारां/समरानियां. पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के समरानिया में सोमवार को आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ जोडकऱ नमस्कर ओर राम-राम करते हुए संबोधन शुरू किया।
बारां/समरानियां. पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के समरानिया में सोमवार को आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ जोडकऱ नमस्कर ओर राम-राम करते हुए संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज एक ओर आयोध्या में दिपावली मनाई जा रही है, तो दूसरी ओर एक लाख अतिपिछड़े मेरे जनजातीय भाई-बहन के घर दिवाली मन रही है। उनके बैंक खाते में पक्के घर के लिए पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। आज से आपके घरों का काम शुरु होने जा रहा है। 22 जनवरी को रामलला भी अपने भव्य और दिव्य मंदिर में हमें दर्शन देंगे। मैंने भी 11 दिन व्रत-अनुष्ठान का संकल्प किया हुआ है, श्रीराम का ध्यान स्मरण कर रहा हूं। पीएम मोदी ने शबरी की कथा सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा श्री राम की कथा माता शबरी के बिना संभव ही नहीं है। दशरथ पुत्र राम, दीनबंधु राम तभी बन सके, जब उन्होंने आदिवासी माता शबरी के बेर खाए। रामचरित मानस में कहा गया है- कह रघुपति सुनु भामिनि बाता। मानउँ एक भगति कर नाता॥ यानी भगवान श्रीराम ने अपने भक्त से सिर्फ भक्ति के संबंध को सबसे बड़ा कहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएमजनमन) के तहत बारां जिले के 13390 सहरिया लाभार्थियों को पीएम आवास योजना में मकान निर्माण के लिए 90 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की।
साकार होगा विकसित राष्ट्र बनाने का सपना
प्रदेश में गरीब कल्याण की सरकार बनी
सांसद समेत चारों विधायकों ने भी किया कार्यक्रम सम्बोधित
बारां. समरानियां में सोमवार को आयोजित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा प्रधानमंत्री का 2047 में देश को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना साकार होकर रहेगा। जिस तरह से जनता ने भरोसा कर जनाधार दिया है, उसी तरह कुछ समय बाद पता लगेगा कि गरीब कल्याण की सरकार आई है। गरीबों की सेवा करके योजना बनाकर उनका उत्थान करने का काम किया जाएगा। सबसे अधिक पिछड़े जनजाति के लोग हैं। जिन्हें आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। आजादी के 75 वर्षों बाद भी जो विकास होना चाहिए, वह नहीं हैं। बिजली, पेयजल नहीं हैं।
कानून के सम्मान से निकालेंगे रास्ता
मंत्री खराड़ी ने वनभूमि पर सडक़ निर्माण में समस्या आने की विधायकों की शिकायत पर कहा कि वन्य कानून के कारण आज भी हम जनजाति क्षेत्र के गांव घरों तक बिजली, पानी और सडक़ तक नहीं पहुंचा पाए। ये आज भी उपेक्षित हैं। इस मामले में वन विभाग, जनजाति विभाग और जिला कलक्टर संयुक्त बैठक कर यह तय करेंगे, कितनी जमीन वन विभाग की आ रही है। उनको जमीन के बदले जमीन देकर समस्याओं का निस्तारण करेंगे।
प्रदर्शनी का अवलोकन
पीएम के संबोधन के बाद समरानियां स्कूल की बालिकाओं ने गीत नृत्य की प्रस्तुति से स्वागत किया। दांता स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सहरिया स्वांग नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा। सहरिया समूह के कलाकारों ने रोमांचक प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर चिकित्सा मोबाइल वैन को रवाना किया। मंत्री समेत अतिथियों व भाजपा पदाधिकारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद की स्टॉल लगाई गई थी।