
मृतक बच्चा (पत्रिका फोटो)
बारां: केलवाड़ा कस्बे के उप जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित एक चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मामला 18 जुलाई की देर रात का है। केलवाड़ा अस्पताल में भर्ती बच्चे की देर रात तबीयत बिगड़ने पर उसका पिता परिसर में डॉक्टरों के आवासों के दरवाजे खटखटाता रहा, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। इधर, समय पर उपचार नहीं होने से बच्चे की सांसें थम गई। बाद में रात दो बजे आए एक डॉक्टर ने जांच की और मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, गत 17 जुलाई को कस्बा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी ललित सेन के चार वर्षीय पुत्र को कस्बा थाना से रेफर करने के बाद उसी दिन कस्बे के उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय बच्चे की स्थिति नाजुक थी और उसे उल्टी-दस्त और बुखार था। ललित सेन ने बताया कि 18 जुलाई को रात को एक डॉक्टर ड्रिप लगाकर गया था। देर रात को बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिसर में डॉक्टर के आवास पर जाकर दरवाजे खटखटाए, लेकिन कोई बाहर नहीं निकला। इसी दौरान बेड पर बच्चे का दम टूट गया।
मृतक के पिता ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद उसने बच्चे के शव को गांव भेजने की गुहार लगाई। क्योंकि उसके पास पैसे नहीं थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आखिर एक ठेले वाले से कुछ रुपए उधार लिए। एक गाड़ी किराए पर लेकर शव को गांव लेकर आया।
बच्चे की हालत बहुत ही गंभीर थी, उस दिन रात 11 बजे भी डॉ. राहुल राणा ने उसे चेक किया था। परिजनों से उसे बारां ले जाने को भी कहा था, लेकिन वो तैयार नहीं हुए और रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। लापरवाही या इलाज के लिए डॉक्टर का नहीं आना, ये सब आरोप गलत हैं।
-डॉ. अमित भारती, प्रभारी उप जिला अस्पताल, केलवाड़ा
बच्चे को ऑन ड्यूटी डॉ. राहुल राणा ने चेक किया था। बच्चे की हालत गंभीर थी। उसे रेफर करने की जरूरत थी, परिजन तैयार नहीं थे और उसकी मौत हो गई।
-डॉ. श्रवण शर्मा, बीसीएमएचओ, शाहाबाद
Updated on:
22 Jul 2026, 10:06 PM IST
Published on:
22 Jul 2026, 10:06 PM IST
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