प्रशासन गांव के साथ विभागों के संग भी हुआ अभियान, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल को भी मिल रहे पट्टे
बारां. राज्य सरकार की ओर से शुरू किया गया प्रशासन गांव के संग अभियान आमजन के लिए ही नहीं विभिन्न सरकारी विभागों के लिए भी राहत की सौगात लेकर आया है। आमजन को भले ही व्यक्तिगत लम्बित मामलों का निस्तारण कराने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही हो, लेकिन सरकारी विभागों को सहजता से लाभ मिल रहा है।
इससे सरकारी विभागों के अरसे से अटके पड़े काम पटरी पर आने लगे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाडिय़ों के लिए खुद के भवन मिलने की राह आसान हो रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को उप स्वास्थ्य केन्द्रोंं के लिए पट्टे मिल रहे हंै। इनके अलावा शिक्षा विभाग की ओर से भी स्कूल भवनों व खेल मैदानों की जमीन को लेकर अटके पड़े प्रकरणों का निस्तारण कराया जा रहा है।
विभाग भी सक्रिय
शिविरों में आमजन को भी बड़ी संख्या में पट्टे दिए जा रहे हैं, लेकिन सबसे अधिक महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जमीनों के पट्टे हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिले मेंं अब तक आंगनबाड़ी भवनों के लिए 50 पट्टे जारी कराए जा चुके हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए पट्टे लिए जा रहे हैं। अब तक आधा दर्जन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए पट्टे मिल चुके है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फूंसरा में उपस्वास्थ्य केन्द्र के लिए 40 गुणा 60 फीट जमीन के स्थान पर 100 गुणा 100 फीट का पट्टा हासिल किया है। शिक्षा विभाग को भी किशनगंज के गोरधनपुरा गांव स्थित विद्यालय भवन व खेल मैदान के लिए जमीन का आवंटन हो चुका है। इनके अलावा कुछ अन्य विभागों को भी राजकीय प्रयोजनार्थ पट्टे दिए जा रहे हंै।
बच्चों को मिलेगी बेहतर सुविधा
आंगनबाडिय़ों के भवनों के लिए पट्टे जारी होने से अब भवन निर्माण की राह खुलेगी। मापदंडों के तहत सुविधा युक्त भवनों का निर्माण होगा। इससे बच्चों को बेहतर स्कूल पूर्व शिक्षा हासिल करने का वातावरण मिलेगा। बच्चों का ठहराव बढ़ेगा तो लोग अधिक लाभांवित होंगे। वर्तमान में जिले में बड़ी संख्या में आंगनबाडी किराए के भवनों में संचालित है। कई आंगनबाडी खुद का भवन नहीं होने से स्कूलों के एक-एक कमरों में चल रही हंै। कई आंगनबाड़ी किराए के भवनों में संचालित हंै। इन आंगनबाडिय़ों के लिए आबादी क्षेत्र में जगह की उपलब्धता को लेकर परेशानी हो रही है।