भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा की टीम ने शुक्रवार को यहां हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया
बारां . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा की टीम ने शुक्रवार को यहां हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के उपनिरीक्षक को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उपनिरीक्षक ने छेड़छाड़ के मामले में पोते को छोड़ने के बदले दादा से रिश्वत मांगी थी । वह दादा से पचास हजार रुपए पहले ले चुका था । एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि ब्यूरो के कोटा कार्यालय पर 7 जुलाई को परिवादी ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के इंचार्ज उप निरीक्षक राम दयाल मधुकर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी ।
परिवादी का कहना था कि उसके नाबालिग पौत्र को छेड़छाड़ के आरोप में चौकी इंचार्ज रामदयाल मधुकर ने पकड़कर थाने में बिठा रखा था। उसे बिना कार्रवाई छोड़ने के बदले मधुकर ने उससे 10 लाख रुपए मांगे। उसने इतनी राशि देने में असमर्थता जताई तो मधुकर ने चार लाख रुपए देने के लिए कहा। बाद में डेढ़ लाख रुपए देना तय हुआ। इसमें से उसने 50 हजार रुपए छह जुलाई को आकर ही दे दिए। शेष एक लाख रुपए शुक्रवार को देना तय हुआ। इस पर ब्यूरो की टीम ने उप अधीक्षक हर्षराज सिंह खरेड़ा के नेतृत्व में शुक्रवार को ट्रेप की कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक को पुलिस चौकी के अंदर ही रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर चौकी के अंदर ही उपनिरीक्षक के आवास से 1 लाख 95 हजार रुपए और बरामद हुए। परिवादी ने अपना पहचान गोपनीय रखी है।
मुकदमा दर्ज नहीं, फिर भी बिठाए रखा : स्वर्णकार ने बताया कि इस मामले में नाबालिग के खिलाफ चौकी में न तो परिवाद है। न ही कोई मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बावजूद भी नाबालिग को चौकी में बिठाए रखा। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि एक लड़की ने फोन करके नाबालिग को तेलफैक्ट्री क्षेत्र में बुलाया था। यहां एक लड़के ने उसकी बाइक की चाबी निकाल कर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस भी पहुंच गई। उन्होंने कहा कि इस रिश्वत काण्ड में दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच की जाएगी। इससे वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।